बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने अपनी और रंजीत की पुरानी मुलाकात का किस्सा भी साझा किया है।
जस्टिस हेमा कमेटी की रिपोर्ट सामने के बाद से सिनेमा जगत में हल्ला मचा हुआ है। इस रिपोर्ट ने मलयालम सिनेमा में महिलाओं के उत्पीड़न और शोषण के मामलों का खुलासा किया है, जिसके बाद से कई कलाकार निशाने पर आ गए हैं। अब इस मामले में एक बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा ने भी मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
रंजीत ने खारिज किए श्रीलेखा मित्रा के आरोप
मित्रा ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि उन्होंने एक फिल्म के सिलसिले में रंजीत से उनके घर पर मुलाकात की थी, जहां उन्हें निर्देशक का बर्ताव ठीक नहीं लगा था। मित्रा ने बताया कि फिल्म की कहानी पर रंजीत से बात करते हुए उन्हें असहज महसूस हुआ था। वहीं, श्रीलेखा के इन आरोपों को रंजीत ने सिरे से खारिज कर दिया है। इसके ठीक उलट उन्होंने कहा कि वो खुद इस मामले में असली पीड़ित हैं।
मित्रा ने कर दिया था फिल्म में काम करने से मना
श्रीलेखा ने कहा कि रंजीत के इस व्यवहार के बाद उन्होंने फिल्म का हिस्सा बनने से मना कर दिया था और कोलकाता लौट आई थीं। मित्रा ने सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें मालूम नहीं है कि क्या रंजीत ने बाकी अभिनेत्रियों के साथ भी ऐसा ही बर्ताव किया है या फिर नहीं और ऐसा कुछ हुआ है तो उन्हीं अभिनेत्रियों पर निर्भर करता है कि वो इस पर बोलना चाहती हैं या नहीं।
गलत काम करने वालों का बचाव नहीं करेगी सरकार: मंत्री साजी चेरियन
केरल के सांस्कृतिक मामलों के मंत्री साजी चेरियन का कहना है कि राज्य सरकार गलत काम करने वाले किसी भी इंसान का बचाव नहीं करेंगी। रंजीत के खिलाफ आरोप साबित हुए तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि महज आरोपों के आधार पर ही केस दर्ज नहीं किया जा सकता है। वहीं, केरल राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पी सतीदेवी ने कहा कि अगर आरोप साबित हो गया तो रंजीत को केरल चलचित्र अकादमी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।