कहानी किसी भी फिल्म की सफलता में सबसे बड़ी वजह होती है। कम बजट की फिल्में भी कई बार अपनी बेहतरीन कहानी और अनूठेपन की वजह से बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हो जाती हैं। वहीं, कई बार बड़े-बड़े सितारों और बड़े बजट की फिल्में भी कमजोर कहानी की वजह से बुरी तरह फ्लॉप हो जाती हैं। भारतीय सिनेमा में आज भी सितारों को लेखकों की तुलना में बहुत कम आंका जाता है। हालांकि, सलीम खान और जावेद अख्तर ने एक वक्त पर इस रुढिवादी सोच को चुनौती दी थी। उन्होंने तब शीर्ष अभिनेताओं के बराबर की फीस मांग कर लेखकों के लिए एक क्रांति ले आए थे।
अभिनेता के बराबर मांगते थे फीस
सलीम और जावेद की जोड़ी ने से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्मों की कहानी लिखी। उन्होंने अपनी शानदार और मजबूत कहानियों के दम पर दर्शकों के बीच अपने नाम पर फिल्म को बेचा। उन्होंने साबित किया कि फिल्म की दमदार कहानी दर्शकों को उतना ही आकर्षित कर सकती है, जितना एक स्टार करता है। इन दोनों की जोड़ी को स्टार के बराबर का दर्जा हासिल हुआ था। लेखक की इस जोड़ी का नाम अक्सर प्रमुख अभिनेताओं के साथ लिया जाता था। हालांकि, जब इन्होंने अभिनेताओं के बराबर फीस की मांग की थी, तब इंडस्ट्री में इन्हें पागल तक कह दिया गया था।
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'इंडस्ट्री में लोग हमें पागल समझते थे'
सलीम खान ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में अभिनेता के बराबर फीस की मांग करने से जुड़ा एक किस्सा साझा किया। उन्होंने कहा, “एक फिल्म के अंदर ऐसा हुआ कि हमने अभिनेता से ज्यादा पैसा लिया। निर्माता से मैंने पूछा अभिनेता को कितना दिया, 12 लाख रुपये? हमने कहा हमें 12.5 लाख रुपये चाहिए। वह सहमत हो गए।' सलीम खान ने आगे बताया कि उन दोनों को इंडस्ट्री में लोग पागल समझते थे। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें कहते कि वो पागलपन की बातें कर रहे हैं, जिसपर उनका जवाब होता था कि अगर स्क्रिप्ट चाहिए, तो इससे कम में नहीं मिलेगा।
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अमिताभ से भी ज्यादा ली थी फीस
सलीम खान ने कहा कि वो स्क्रिप्ट सुनाने से पहले ही कीमत बता दिया करते थे, जिससे निर्माता भी झटका खा जाते थे। उन्होंने कहा,"जिस जमाने में मुश्किल से लेखकों को 10,000 मिलते थे, हम लाखो मांगते थे।"सलीम खान ने कहा कि उनकी मांगों के पीछे की मंशा लेखकों के लिए उचित फीस मांगना और उनकी स्थिति में सुधार लाना था। ऐसा लगता था कि लेखकों की कोई अहमियत ही नहीं है।" 1970 के दशक के आखिर में सलीम-जावेद सफलता का दूसरा नाम बन गए थे। उन्होंने इस दौरान कई सफल फिल्मों की कहानी लिखी, जिनमें यादों की बारात, जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्में भी शामिल हैं। हाल में ही दोनों पर एंग्री यंग मेन डॉक्यूमेंट्री सीरीज बनी है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया उन्होंने एक समय पर अमिताभ बच्चन से भी अधिक फीस ली थी।
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