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Javed Akhtar: 'एनिमल' के बाद जावेद अख्तर के निशाने पर आई 'जब तक है जान', हीरोइन को बताया हास्यास्पद

Sun, 07 Jan 2024 11:05 PM IST
शुभम शर्मा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

हाल ही में जावेद अख्तर ने एक साक्षात्कार में हिंदी सिनेमा में आधुनिक महिलाओं की उभरती अवधारणा को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने यश चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म जब तक है जान की आलोचना की। 
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जावेद अख्तर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज लेखक-गीतकार जावेद अख्तर एक बार फिर से सुर्खियों में है। जावेद अख्तर ने हाल ही में एक सीन को लेकर फिल्म एनिमल की आलोचना की, जिससे एनिमल के मेकर्स भड़क गए। अभी यह मामला चल ही रहा था कि अब जावेद अख्तर ने एक कार्यक्रम में यश चोपड़ा की सुपरहिट फिल्म जब तक है जान की भी आलोचना की। 

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आधुनिक महिलाओं की अवधारणा को लेकर जावेद अख्तर की टिप्पणी
दरअसल, हाल ही में जावेद अख्तर ने एक साक्षात्कार में हिंदी सिनेमा में आधुनिक महिलाओं की उभरती अवधारणा को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें अपने करियर में कभी भी बड़ी भूमिकाएं नहीं मिलीं। इसके साथ ही उन्होंने यश चोपड़ा की फिल्म 'जब तक है जान' में हिरोइन की भूमिका और उसके विचार को हास्यास्पद बताते हुए आलोचना की। 

लोग नहीं जानते आदर्श महिला क्या होती है
बातचीत के दौरान जावेद अख्तर ने कहा, 'आज के दौर में नई महिला कौन है? लोग इसके बारे में पता नहीं है। उदाहरण के लिए श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित, जो किसी भी अभिनेत्री से कम प्रतिभाशाली नहीं थीं, लेकिन फिर भी उन्हें अपने पूरे करियर में कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मिली। उन्हें 'मदर इंडिया', 'बंदिनी' और 'सुजाता' जैसी कोई भूमिकाएं नहीं मिलीं। ऐसा इसलिए क्योंकि लोग नहीं जानते कि एक आदर्श महिला क्या होती है।
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जावेद अख्तर ने की जब तक है जान की आलोचना
जावेद अख्तर ने आगे कहा, 'आज तरह-तरह के प्रयोग हो रहे हैं, ऐसे में जब फिल्म निर्माता एक सशक्त महिला की छवि बनाने की कोशिश करते हैं, तो वे हास्यास्पद हो जाते हैं क्योंकि वे नहीं जानते कि एक सशक्त महिला क्या होती है। यश चोपड़ा जैसे निर्देशक, जिन्होंने अपने पूरे करियर में कई अच्छी फिल्में बनाईं, उनकी फिल्म जब तक है जान में नायिका कहती है, मैं शादी से पहले सभी देशों के पुरुषों के साथ सोऊंगी। सशक्त होने के लिए इतना कुछ नहीं करना पड़ता। ऐसा इसलिए क्योंकि यह मलबा है और लोग इसी मलबे में ढूंढ रहे की आधुनिक महिला कौन है'।
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