प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल ही में सवाल किया गया कि क्या वह इस बात से संतुष्ट हैं कि देश कहां तक पहुंच गया है। इस पर उन्होंने कहा कि जिस दिन मोदी संतुष्ट हो जाए, तब लिख लेना आपको उसको श्रद्धांजलि देनी है। वो जिंदा नहीं है। मैं जीवन के आखिरी पल तक असंतोष को पालता रहता हूं। अपने भीतर कभी संतोष नहीं आने देता। मैं असंतोष पालता हूं, ताकि मुझे नया करने की प्रेरणा मिले। इसलिए कभी संतोष की बात मत कहिएगा, क्योंकि मुझे अभी बहुत कुछ करना है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने पीएम मोदी के इस बयान की एक वीडियो क्लिप शेयर की है, जो हाल ही में दक्षिण भारत के एक न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू की है।
भारत मानवता का सुरक्षित ठिकाना
पीएम मोदी ने रविवार को भारत मंडपम में भगवान महावीर के 2,550वें निर्वाण महोत्सव को संबोधित किया। उन्होंने स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया। जैन समुदाय को उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने हाल ही समाधिस्त हुए आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का भी स्मरण किया। पीएम ने कहा, हम दुनिया को यह बताते हैं कि वैश्विक संकटों और संघर्षों का समाधान भारत की प्राचीन संस्कृति और प्राचीन परंपरा में है। इसीलिए आज विरोधों में भी बंटे विश्व के लिए भारत विश्व-बंधु के रूप में अपनी जगह बना रहा है।
चुनाव से भविष्य की नई यात्रा होगी शुरू
पीएम ने कहा कि यह वह समय है जब भारत अमृतकाल के शुरुआती दौर में है। इस साल हमारे संविधान को भी 75 वर्ष होने जा रहे हैं। इसी समय देश में एक बड़ा लोकतांत्रिक उत्सव भी चल रहा है। देश का विश्वास है यहीं से भविष्य की नई यात्रा शुरू होगी। लोगों से मतदान की अपील करते हुए कहा कि इसका इंतजार मत करना कि गर्मी कम होगी तब शाम को जाऊंगा। सुबह-सुबह ही जाइए। साथ ही हल्के अंदाज में कहा कि कमल का तो हमारे सभी संतों, महंतों, भगवानों के साथ सीधा-सीधा जुड़ाव है।
स्वयं के लिए नहीं, सर्वम के लिए सोचता है भारत
तीर्थंकरों की शिक्षाएं और भी महत्वपूर्ण
पीएम ने कहा वैश्विक संघर्षों के बीच देश युद्धरत हो रहे हैं। ऐसे में, हमारे तीर्थंकरों की शिक्षाएं और भी महत्वपूर्ण हो गईं हैं। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले हमारे देश में कैसा माहौल था। चारों तरफ निराशा, हताशा! आज देश की नई पीढ़ी को यह विश्वास हो गया है कि हमारी पहचान हमारा स्वाभिमान है।
जैन समाज से पीएम मोदी को विजयी भव: का आशीर्वाद
निर्वाण महोत्सव में पीएम मोदी को विजयी भव: का आशीर्वाद देने के साथ ही जैन समाज के लोगों ने हर बार मोदी का परिवार का संकल्प लिया। एक जैन मुनि ने मंच से कहा कि अभी अयोध्या में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि भव्य भारत, नव्य भारत, बदल रहा परिवेश, मेरा देव, मेरा देश, मेरा भारत महादेश। उन्होंने कहा कि सब लोग मेरी बात समझिए, सबका साथ, सबका विकास मोदी का उद्देश्य, मेरा देव, मेरा देश, मेरा भारत महादेश। जैन मुनि ने सबसे हाथ जोड़कर संकल्प लेने को कहा कि जैन समाज हर बार मोदी का परिवार। इसका समारोह में मौजूद जैन समाज के लोगों ने जोरशोर से समर्थन किया। साथ ही जैन मुनि ने पीएम मोदी को विजय भव:, विजयी भवः, विजयी भवः का आशीर्वाद भी दिया।
विकास और विरासत को साथ लेकर चलने वाले
एक अन्य मुनि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नजीर, एक उदाहरण हैं जो विकास और विरासत को एकसाथ लेकर चल रहे हैं। मुझे लगता है कि ये केवल एक प्रधानमंत्री ही नहीं, बल्कि राजसी के रूप में हैं।