पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी कुलदीप चौधरी ने बताया कि यहां 118 बूथ स्थापित किए जाएंगे। मिडिल स्कूल, नुगडी और मध्य विद्यालय, बोरेरो जैसे मतदान केंद्रों पर पहली बार मतदान होगा।
झारखंड के सिंहभूम लोकसभा सीट के नक्सल प्रभावित कई अंदरूनी इलाकों में पहली बार या दशकों बाद मतदान होगा। इनमें एशिया के सबसे घने साल के जंगल वाला सारंडा क्षेत्र भी है, जहां 13 मई को वोट पड़ेंगे। सारंडा में रहने वाले लोगों के मताधिकार के लिए मतदान दल और सामग्री हेलिकॉप्टर से हवाई मार्ग से उतारी जाएगी।
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पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन अधिकारी कुलदीप चौधरी ने बताया कि यहां 118 बूथ स्थापित किए जाएंगे। मिडिल स्कूल, नुगडी और मध्य विद्यालय, बोरेरो जैसे मतदान केंद्रों पर पहली बार मतदान होगा।
पिछले साल 22 मौतें
स्थिति में सुधार के बावजूद पश्चिमी सिंहभूम अभी भी उग्रवाद प्रभावित जिलों में से एक बना हुआ है। पिछले साल इस क्षेत्र में 46 माओवादी घटनाएं हुईं, जिनमें 22 मौतें हुईं। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 14.32 लाख मतदाता हैं। यहां से कांग्रेस की मौजूदा सांसद गीता कोड़ा इस बार भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं।
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गौरतलब है कि लोकसभा के लिए निर्वाचन आयोग (ईसी) ने चुनाव कार्यक्रम का एलान कर दिया है। इसके साथ ही देशभर में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई। चुनाव आयोग ने सात चरणों में चुनाव कराने का एलान किया। 19 अप्रैल से शुरू होने वाले लोकसभा चुनाव में आखिरी फेज की वोटिंग एक जून को होगी। वहीं झारखंड की बात करें तो यहां 14 लोकसभा सीटें हैं, जिनमें पांच सीटें एसटी और एक सीट एससी के लिए आरक्षित है। झारखंड में कुल मिलाकर 2.54 करोड़ से अधिक मतदाता हैं। इनमें 22 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे।
चार चरणों में होगा मतदान
झारखंड में चौथे, पांचवे, छठवें और सातवें चरण में मतदान होगा।
चार लोकसभा सीटों सिंहभूम, खूंटी, लोहरदगा और पलामू में 13 मई को चौथे चरण में मतदान होगा।
20 मई को चतरा, कोडरमा और हजारीबाग में पांचवे चरण का मतदान होगा।
गिरिडीह, धनबाद, रांची और जमशेदपुर में 25 मई को छठवें चरण में मतदान होगा।
राजमहल, दुमका और गोड्डा में 1 जून को सातवें चरण में मतदान होगा।