महाराष्ट्र में 2019 में जब कांग्रेस का सफाया हो गया था, तब चंद्रपुर एकमात्र सीट थी, जिस पर तीन बार के भाजपा सांसद हंसराज अहीर को हराकर कांग्रेस ने लाज बचाई थी। यह क्षेत्र ओबीसी बहुल है, जहां कुनबी जाति की संख्या अधिक है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रतिभा धानोरकर इसी जाति से हैं। अहीर की जगह भाजपा ने इस बार सुधीर मुनगंटीवार पर दांव खेला है। पांच साल पहले लड़ाई बहुसंख्यक कुनबी मराठा (ओबीसी) और अन्य समुदायों के बीच थी। इस बार भी यहां अल्पसंख्यक ओबीसी बनाम बहुसंख्यक ओबीसी की लड़ाई है।
भाजपा इस सीट को पुनः हासिल करने के लिए मोदी मैजिक व लाभार्थियों के सहारे है। चंद्रपुर को काले सोने का शहर कहा जाता है, जहां 30 से अधिक कोयला खदाने हैं। ताडोबा टाइगर रिजर्व, सीमेंट कारखाना और देश में सर्वाधिक 2340 मेगावॉट क्षमता वाला सबसे बड़ा विद्युत स्टेशन भी है, जो राज्य की 40 फीसदी बिजली जरूरतों को पूरा करता है। वहीं, बल्लारपुर इंडस्ट्रीज कागज का सबसे बड़ा कारखाना है। अयोध्या के राम मंदिर और नए संसद भवन में चंद्रपुर व गढ़चिरोली के घने जंगलों की सागौन की लकड़ी भेजी गई थी। कुछ माह पहले मराठा आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए राज्य सरकार ने मराठों को कुनबी प्रमाणपत्र देने का निर्णय लिया, तब इसका मुखर विरोध चंद्रपुर में हुआ था, क्योंकि विदर्भ में पहले से ही कुनबी को ओबीसी दर्जा प्राप्त है। इस बार यही मुद्दा प्रभावी है।
पार्टी में कलह के बावजूद प्रतिभा मजबूत प्रतिद्वंद्वी
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार अपनी बेटी शिवानी को लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने विधायक प्रतिभा धनोरकर को प्रत्याशी घोषित कर दिया जिससे वे नाराज बताए जाते हैं। इससे कांग्रेस में अंदरूनी कलह है। बावजूद इसके चंद्रपुर में दो विधायकों प्रतिभा और सुधीर भाऊ के बीच ही सीधी टक्कर है। प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी के राजेश बेले और बसपा के राजेन्द्र रामटेके सहित कुल 15 उम्मीदवार मैदान में है। क्षेत्र के 18.37 लाख मतदाता इनमें से किसी एक का चुनाव करेंगे।
मुद्दे
सिंचाई की समस्या के समाधान की आस
चंद्रपुर के कारोबारी काशीनाथ सिंह कहते हैं, राम मंदिर, मोदी और हिंदुत्व की गूंज है। वहीं, पांढर कौड़ा के अक्षय तिरमनवार और वासुदेव नेहारे सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हैं। कहते हैं, सुधीर भाऊ जीतते हैं, तो पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा।
भाजपा का नारा-देसी नहीं, देश का चुनाव
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष और देवेंद्र फडणवीस सरकार में वित्तमंत्री रह चुके सुधीर मुनगंटीवार राज्य के वनमंत्री व चंद्रपुर के संरक्षक मंत्री भी हैं। बल्लारपुर से छह बार विधायक रहे। सुधीर की छवि विकास पुरुष की है। वह लोगों को समझा रहे हैं कि यह देशी का नही, देश का चुनाव है। दरअसल, कांग्रेस उम्मीदवार का शराब का कारोबार है। चंद्रपुर में विधानसभा की छह सीटें हैं। इनमें से तीन पर भाजपा का कब्जा है। दो सीटों पर कांग्रेस और एक पर निर्दलीय विधायक हैं। प्रतिभा वरोरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।