एनसीपी नेता अजित पवार का कहना है कि लोकसभा चुनाव पारिवारिक संबंधों की नहीं बल्कि पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच की लड़ाई है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा ने गुरुवार को एनसीपी के टिकट पर बारामती लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया था और शनिवार से चुनाव प्रचार की शुरुआत की। चुनाव प्रचार की शुरुआत से पहले अजित पवार और उनके परिवार ने कन्हेरी स्थित हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन पूजन किया। इस दौरान उनके दोनों बेटों समेत एनसीपी के कई नेता मौजूद रहे।
बारामती सीट पर पवार परिवार का दबदबा
बारामती में चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने कहा कि 'हम भगवान हनुमान के आशीर्वाद से आज चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहे हैं। यह चुनाव परिवार के बीच नहीं बल्कि पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच की लड़ाई है।' बारामती लोकसभा सीट पर बीते 35 वर्षों से पवार परिवार का कब्जा है और यहां से 10 बार पवार परिवार के उम्मीदवार को जीत मिली है। भाजपा यहां से एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। इस बार एनसीपी के दो धड़ों में ही बारामती लोकसभा सीट पर मुकाबला है। ऐसे में लड़ाई रोचक होने की उम्मीद है।
सुनेत्रा का सुप्रिया सुले से है मुकाबला
बारामती लोकसभा सीट पर सुनेत्रा का मुकाबला अपनी ननद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले से ही होगा। सुप्रिया सुले ने भी गुरुवार को ही एनसीपी (शरदचंद्र पवार) पार्टी की तरफ से नामांकन दाखिल किया था। सुप्रिया सुले ने भी शुक्रवार को हनुमान मंदिर में ही पूजा अर्चना के बाद अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की। इस दौरान सुप्रिया सुले के पिता और एनसीपी (एसपी) के अध्यक्ष शरद पवार भी मौजूद रहे। सुनेत्रा पवार के साथ ही अजित पवार ने ही बैकअप के तौर पर बारामती लोकसभा सीट से नामांकन किया। दरअसल अगर किसी तकनीकी कारण की वजह से सुनेत्रा पवार का नामांकन खारिज होता है तो इसलिए अजित पवार ने भी बारामती सीट से नामांकन किया।
अजित पवार की एनसीपी, भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा है। महायुति गठबंधन में भाजपा, एनसीपी के साथ शिवसेना शामिल है। वहीं एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा हैं। बारामती लोकसभा सीट पर 7 मई को मतदान होगा।