कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील दायर
इससे पहले आज, पश्चिम बंगाल सरकार ने वेस्ट बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन में सीआरपीएफ की तैनाती के आदेश के खिलाफ अपील दायर की। कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने गुरुवार, 19 मई को ही मामले की सुनवाई तय की। स्थानीय अदालत ने बुधवार रात आदेश पारित किया था कि सीबीआई सीआरपीएफ की मदद से डाटा की रक्षा करेगी। आदेश के बाद से पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग कार्यालय की सुरक्षा के लिए सीपीआरएफ को तैनात किया गया। साथ ही कोलकाता स्थित पश्चिम बंगाल एसएससी भवन में सुरक्षा कारणों से दोपहर एक बजे तक किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
सीएम ममता का आरोप- यह देश को विभाजित करने की कोशिश
इसके बाद, मामले में सफाई देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि भाजपा देश में तुगलकी शासन चला रही है और देश को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। वे केंद्रीय एजेंसियों को नियंत्रित कर रहे हैं और उनका इस्तेमाल राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए कर रहे हैं।
वाम सरकार के दौरान नाम लिख-लिखकर नौकरियां दी गईं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि भर्ती में विसंगतियों के बारे में बहुत सी बातें कही जा रही हैं। अगर किसी ने कुछ गलत किया है, तो कानून अपना काम करेगा। लेकिन, यह बदनामी के एजेंडे वाला अभियान बंद होना चाहिए। पिछली वाम सरकार के दौरान, कागज के टुकड़ों में नाम लिख-लिखकर नौकरियां दी गईं थीं। मैं जल्द ही उन सब अनियमितताओं का खुलासा करूंगी।
सीबीआई ने मंत्री पार्थ चटर्जी से की नियुक्तियों पर तीन घंटे पूछताछ
इससे पहले बुधवार शाम को सीबीआई ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी से सरकारी स्कूलों की नियुक्तियों में अनियमितताओं के संबंध में तीन घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। इसके बाद यह मामला, राज्य में एक बड़े विवाद में बदल गया है। चटर्जी कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक आदेश के मद्देनजर सीबीआई के अधिकारियों के सामने पेश हुए, जिसने भर्ती प्रक्रिया में की गई अनियमितताओं को सार्वजनिक घोटाला करार दिया है।