अपहरण में शामिल 12 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक राज नारायण मुखर्जी ने बिना विस्तार से बताया कि अपहरण के आरोप में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसका प्रथम दृष्टया किसी अवैध कारोबार से संबंध है। इनमें आठ पूर्व मेदिनीपुर जिले से और चार बीरभूम जिले से हैं। उनमें से कई लोगों और पीड़ित को यहां लाया जा रहा है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन ने हमें अपहरण के लगभग 30 घंटों के भीतर पीड़ित को ढूंढने में मदद की। वह व्यक्ति शारीरिक रूप से ठीक है।"
एसपी ने बताया कि अपहरण में दो कारों का इस्तेमाल किया गया था। दोनों कारें बरामद कर ली गईं। गिरफ्तार लोगों के पास से पीड़ित का फोन भी बरामद हुआ है। उन्होंने बताया कि अपहरण के पीछे का मकसद किसी व्यवसाय को लेकर विवाद हो सकता है। प्रथम दृष्टया, वह व्यवसाय कानूनी नहीं है। इसकी जांच की जा रही है। छात्र की भूमिका (व्यवसाय में) की भी जांच की जाएगी। गिरफ्तार लोगों के साथ उससे पूछताछ की जाएगी।
एसपी ने बताया कि छात्र को तलसारी के एक होटल में रखा गया था, लेकिन उसे समुद्र तट से बचा लिया गया। पड़ोसी देश के यांगून क्षेत्र के रहने वाले पन्नाकारा 2016 से संस्कृत, पाली और प्राकृत विभाग में पीएचडी कर रहे हैं। इंदिरा पल्ली स्थित घर में उनके साथ रहने वाले एक अन्य व्यक्ति ने विश्वविद्यालय को सूचित किया कि अज्ञात लोगों के एक समूह ने गुरुवार दोपहर को घर से कार में उनका अपहरण कर लिया। इसके बाद यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने सूचना के आधार पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
बता दें कि 30 वर्षीय म्यांमार निवासी, जिसकी पहचान पन्नाकारा के रूप में की गई है, उसे पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा शहर से कुछ किलोमीटर दूर ओडिशा के बालेश्वर जिले के तलसारी समुद्र तट से बचाया गया है।