UPSC उठा चुका है ये कदम
आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लागू करने से पहले भी आयोग फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कदम उठा चुका है। यूपीएससी ने जून में परीक्षा के दौरान धोखाधड़ी रोकने के लिए फेशियल रेकग्निशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी सर्विलांस को इंटिग्रेट करने की योजना की घोषणा की थी।
फेशियल रिकॉग्निशन (Facial Recognition): यह एक बायोमेट्रिक तकनीक है जो किसी व्यक्ति की पहचान और व्यक्तियों के बीच अंतर करने के लिये चेहरे की विशिष्ट विशेषताओं का उपयोग करती है।
आयोग हर साल 14 प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा भी शामिल है, जिसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।