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UP B Ed Joint Entrance Exam Result 2019: प्रयागराज के विनोद कुमार बने टॉपर, देखें अपनी रैंक

Wed, 29 May 2019 03:43 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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UP B Ed Joint Entrance Exam 2019 के अंतिम परिणाम की घोषणा कर दी गई है। इसमें अभ्यर्थियों की रैंक का भी जिक्र किया गया है। रैंक के साथ परिणाम वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी UP B Ed की वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम और रैंक देख सकते हैं। 

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इस बार बीएड की संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रयागराज के विनोद कुमार दुबे ने पहली रैंक हासिल की है। उन्हें 400 में से 360 अंक मिले हैं। वाराणसी के अरुण कुमार चौरसिया को दूसरी और बरेली के सुनील कुमार को तीसरी रैंक मिली है। टॉप 10 की सूची में प्रयागराज, वाराणसी, बरेली, गाजियाबाद और कानपुर के अभ्यर्थियों ने जगह बनाई है।

5,66,400 अभ्यर्थियों ने दी थी परीक्षा 

15 अप्रैल को हुई बीएड प्रवेश परीक्षा में 6,09,209 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जबकि 5,66,400 परीक्षा में शामिल हुए। बीते 21 मई को विवि प्रशासन ने आंसर-की के साथ अंकों के आधार पर रिजल्ट जारी किया था। लेकिन रैंक तैयार नहीं हुई थी। इसके अलावा अभ्यर्थियों सेरिजल्ट पर आपत्तियां भी मांगी गई थीं। 23 मई तक शिकायतों का निपटारा कर लिया गया। तब जाकर यह अंतिम परिणाम तैयार हुआ।

हर सीट पर ज्यादा होगी दावेदारी

पिछले कई वर्षों में बीएड की परीक्षा में अभ्यर्थियों की यह संख्या सबसे ज्यादा है। उत्तर प्रदेश में बीएड की सीटें 2.25 लाख के करीब है। ऐसी परिस्थिति में इस बार प्रवेश को लेकर हर सीट पर दावेदारों की संख्या भी ज्यादा रहेगी। प्रोफेसरों का मानना है कि टॉप रैंक वाले अभ्यर्थियों को राजकीय और एडेड कॉलेजों में प्रवेश का मौका मिलेगा। इसलिए अभ्यर्थियों की निगाहें रैंकिंग पर टिकी हैं।  

जून में काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी है।
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ऐसी है टॉपर विनोद की कहानी

बीएड परीक्षा में पहली रैंक पाने वाले विनोद कुमार दुबे भदोही जिले के संतरविदास नगर में दशरथपुर गांव के रहने वाले हैं। ग्रेजुएशन और पीजी (प्राचीन इतिहास) इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हैं। विनोद ने बताया कि वह प्रयागराज में रहकर सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। 2018 में सिविल मुख्य परीक्षा में कुछ अंकों से चूक गए थे। इस बीच बीएड के आवेदन आए, तो फॉर्म भर दिया। इस सफलता में मेरी मेहनत और बड़े बुजुर्गों व शिक्षकों के आर्शीवाद की भूमिका है। मेरे पिता सुरेंद्र नाथ दुबे भदोही जिले में ही एक इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रधानाचार्य पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में अन्य कुछ लोग भी शिक्षक है। ऐसे में मेरा रूझान भी टीचिंग की ओर हो गया। 

रिजल्ट देखने के लिए विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
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