साहा ने बताया कि हमने सभी आठ जिलों के शिक्षकों से अपने मूल्यांकन किए गए अंकों की फिर से जांच करने का अनुरोध किया। इस अभ्यास के दौरान, कुछ विसंगतियां पाई गईं। दो हफ्ते पहले, माध्यमिक कक्षा 10वीं की परीक्षा में 80.62 प्रतिशत उम्मीदवारों को उत्तीर्ण घोषित किया गया था, जबकि उच्च माध्यमिक परिणाम में 95.20 प्रतिशत की उत्तीर्णता थी।
10 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने तय की थी मूल्यांकन प्रक्रिया
सूबे के शिक्षा मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परिणाम टीबीएसई द्वारा छात्रों के मूल्यांकन के लिए 10 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति द्वारा निर्धारित मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर घोषित किए गए थे, क्योंकि कोविड -19 महामारी की स्थिति को देखते हुए, इस वर्ष बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी थी।
परिणामों से असंतुष्ट छात्रों के लिए सितंबर में परीक्षा
नाथ ने बताया कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पिछली कक्षा की परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन को ध्यान में रखा गया था और प्रत्येक उम्मीदवार के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट उनके संबंधित स्कूलों से आई थी। मंत्री ने जानकारी दी कि जिन छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन अभी भी अपने परिणामों से असंतुष्ट हैं, वे 23 अगस्त तक अलग परीक्षा के लिए आवेदन करें। उनकी परीक्षा सितंबर में आयोजित की जाएगी।