शीर्ष अदालत ने अब मामले की सुनवाई नौ मई की तारीख तय करते हुए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से कहा है कि वह या तो स्वयं तारीखों को फिर से निर्धारित सूचित करे या फिर नई तारीखें तय करने में अदालत की मदद करे। हरियाणा न्यायिक सेवा की परीक्षाएं हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती हैं और उच्च न्यायालय के जज की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा पूरी परीक्षा की देखरेख की जाती है।
40 उम्मीदवारों ने दायर की थी याचिका
शीर्ष अदालत का आदेश 40 उम्मीदवारों द्वारा दायर एक याचिका में पारित किया गया था, जिन्होंने हरियाणा और मध्य प्रदेश दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था। इनमें में झड़प के कारण तारीखों को स्थगित करने की मांग की गई थी। मध्य प्रदेश सिविल जज, जूनियर डिवीजन (एंट्री लेवल) परीक्षा-2021 की प्रारंभिक परीक्षा छह मई के लिए निर्धारित है, जबकि हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) - 2021 की मुख्य परीक्षा छह से आठ मई तक निर्धारित है।
पहले 22 से 24 अप्रैल को होनी थी परीक्षा
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि हरियाणा की परीक्षा मूल रूप से 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक निर्धारित की गई थी, हालांकि, दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा की तारीखों के साथ टकराव को देखते हुए इसे 06 से0 8 मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया था और अब निर्देश दिया गया है कि एमपी परीक्षाओं के साथ टकराव को देखते हुए एचजेएस की परीक्षा की वर्तमान तारीखों को भी स्थगित कर देना चाहिए।