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Ratan Tata Education: कितने पढ़े-लिखे थे रतन टाटा, 3800 करोड़ की संपत्ति के मालिक ने ली थी कौन सी डिग्रियां?

Thu, 10 Oct 2024 12:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ratan Tata Career: रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को बॉम्बे में हुआ था। रतन नवल टाटा 1991 में टाटा संस के अध्यक्ष बने और 28 दिसंबर, 2012 को सेवानिवृत हुए। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा विदेश से हासिल की थी।
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रतन टाटा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Ratan Tata Education: भारतीय उद्योगपति और टाटा समूह के चेयरमेन रतन टाटा का  निधन हो गया है। उन्होंने 86 वर्ष की आयु में अपने जीवन की आखिरी सांस ली। उन्होंने टाटा समूह को नई बुलंदियों पर पहुंचाया। उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण (2000) और पद्म विभूषण (2008) से भी सम्मानित किए जा चुका है।

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Ratan Tata Education: रतन टाटा की पढ़ाई
रतन टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को बॉम्बे में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के कैंपियन स्कूल (Campion School) से हासिल की। यहां से उन्होंने 8वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, आगे की पढ़ाई के लिए वे मुंबई में कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल (Cathedral and John Cannon School) और शिमला में बिशप कॉटन स्कूल (Bishop Cotton School) गए।

विदेश से हुई उच्च शिक्षा
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद रतन टाटा ने यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका (USA) जाकर कॉर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) में एडमिशन लिया, जहां उन्होंने बैचलर ऑफ आर्किटेक्च (B.Arch) की डिग्री हासिल की। इसके बाद, साल 1975 में उन्होंने यूनाइटेड किंगडम में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल (Harvard Business School) से एडवांस्ड मैनेजमेंट प्रोग्राम किया।
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प्रारंभिक करियर
रतन टाटा ने 1960 के दशक की शुरुआत में टाटा ग्रुप में अपना करियर शुरू किया था। शुरुआत में उन्होंने टाटा स्टील के शॉप फ्लोर पर चूना पत्थर निकालने और ब्लास्ट फर्नेस को संभालने का काम किया। उन्होंने टाटा ग्रुप के भीतर विभिन्न भूमिकाएं निभाईं और ग्रुप के विभिन्न क्षेत्रों में एक्सपीरियंस हासिल किया।

रतन नवल टाटा 1991 में टाटा संस के अध्यक्ष बने और 28 दिसंबर, 2012 को सेवानिवृत हुए। उनके नेतृत्व में समूह का राजस्व कई गुना बढ़ गया। टाटा ग्रुप ने अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार किया और स्टील, ऑटोमोटिव, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, टेलीकम्युनिकेशन और हॉस्पिटैलिटी जैसे विभिन्न उद्योगों में धाक जमाई।

रतन टाटा की उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक रणनीतिक अधिग्रहणों की देखरेख करना था, जिसमें टाटा स्टील द्वारा ब्रिटिश स्टील निर्माता कोरस की खरीद और टाटा मोटर्स द्वारा जगुआर, लैंड रोवर का अधिग्रहण शामिल है।

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