PM Narendra Modi,NCC and NSS: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के योगदान की सराहना की। केंद्र सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न सम्मान देने का एलानन किया है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले एनसीसी और एनएसएस सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं से कर्पूरी ठाकुर के जीवन से प्रेरणा लेने का आग्रह किया। इस दौरान उन्हें संबोधित भी किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि आपने यहां पर जो सांस्कृतिक प्रस्तुति दी उसे देखकर गर्व की अनुभूति हो रही है। आप गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बनने जा रहे हैं और इस बार ये दो वजहों से विशेष हो गया है- ये 75वां गणतंत्र दिवस है और पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड देश की नारी शक्ति को समर्पित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आपकी पीढ़ी को आपके शब्दों में 'Gen Z' कहा जाता है, लेकिन मैं आपको अमृत पीढ़ी मानता हूं। आप वो लोग हैं जिनकी ऊर्जा अमृतकाल में देश को गति देगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज राष्ट्रीय बालिका दिवस है आज बेटियों के साहस , जज्बे और उनकी उपलब्धियों के गुणगान करने का दिन है। बेटियों में समाज और देश को बेहतर बनाने की क्षमता होती है। इतिहास के अलग-अलग दौर में भारत की बेटियों ने अपने फौलदी इरादों और समर्पण की भावना से कई बड़े परिवर्तनों की नींव रखी है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि "जननायक कर्पूरी ठाकुर हमेशा अपनी सादगी के लिए जाने जाते रहे। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। आज भी उनकी ईमानदारी की मिसाल दी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि देश ने एक बड़ा निर्णय लिया है, ये निर्णय जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देने का है। आज की युवा पीढ़ी के लिए कर्पूरी ठाकुर जी के बारे में जानना, उनके जीवन से सीखना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर का जीवन सामाजिक न्याय और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह अत्यधिक गरीबी और सामाजिक असमानता की चुनौतियों का सामना करते हुए उच्च पद तक पहुंचे। वह दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने समाज के लिए काम करना और अपने विनम्र स्वभाव को कभी नहीं छोड़ा। वह अपनी सादगी के लिए जाने जाते थे। उनका पूरा जीवन सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण के लिए समर्पित था। उनकी ईमानदारी की मिसाल आज भी दी जाती है।