ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग में सीनियर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट कमिश्नर डॉ एम कैनेडी ने कहा कि दोनों देशों की सरकारों की संयुक्त प्रयास के तहत यह पहल, शिक्षा की सीमाओं से परे है। यह भारत में छात्रों के लिए किफायती विश्व स्तरीय शिक्षा तक टिकाऊ और आसान पहुंच सुनिश्चित करने के चिंताओं को दूर करता है। वैसे तो ऑनलाइन लर्निंग में भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच की लागत निम्न और मध्यम वर्ग पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
इस मौके पर ईसीए के सीईओ रूपेश सिंह ने कि इस विश्व स्तर पर 50 लाख से अधिक छात्रों के पंजीयन और 300 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों का नेटवर्क का, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर भारत को विकसित बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साकार करने के दिशा में एक कदम है। वहीं, ओपनलर्निंग के सीईओ एडम ब्रिमो ने कहा कि भारत में ऑनलाइन लर्निंग में वृद्धि आश्चर्यजनक है, यह 2017 के 2.679 करोड़ लोगों से बढ़कर 2023 में 14.6 करोड़ लोग हो गई है। हमें उम्मीद है कि 2027 तक 24.4 करोड़ भारतीय ऑनलाइन स्टडी कर रहे होंगे। यह तेज वृद्धि ऑनलाइन शिक्षा के प्रभाव को उजागर करती है।