मामले में सुनवाई कर रही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से डॉक्टरों द्वारा दायर याचिकाओं पर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा। वहीं काउंसलिंग रोकने की मांग को लेकर पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा कि काउंसलिंग रोकना आखिरी और मजबूरी वाला बड़ा कदम होगा। हम मेडिकल छात्रों के संबंध में विचार कर रहे हैं, यदि हम सीट आवंटन को रद्द करते हैं, तो हमें सभी प्रवेश रद्द करने होंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में और देरी होगी। इसलिए, आप सभी को भी समाधान निकालना चाहिए।
कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि हाल ही में डीजीएचएस द्वारा काउंसलिंग में नई सीटों को जोड़ने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं जो कि पहले दाखिला ले चुके उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध नहीं थे। वहीं, अब जो छात्र नीट पीजी मेरिट में नीचे थे उन्हें नई सीटें जोड़ने से बेहतर विकल्प मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे राउंड की काउंसलिंग के बाद दाखिला ले चुके उम्मीदवारों को सीटें आवंटित कर दी गईं। तब डीजीएचएस ने पूल में सैकड़ों सीटें जोड़ दीं, जिसके कारण जिनकी योग्यता कम थी उन्हें भी बेहतर सीटें आवंटित हुई। वहीं, छात्रों के एक अन्य समूह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश खन्ना ने कहा कि सीटों को बुक करके रोकने की प्रवृत्ति बन गई है और इसलिए ही मॉप-अप राउंड में 6,000 से अधिक सीटें खाली हैं।
इस पर जवाब देते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कोर्ट को स्ट्रे वेकैंसी राउंड में किसी भी नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति नहीं देनी चाहिए, क्योंकि अगर इसकी अनुमति दी गई तो यह प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होगी। उन्होंने कहा कि केवल 150 नई सीटें जोड़ी गईं और केवल दो विकल्प उपलब्ध थे कि या तो सीटों को खाली रहने दिया जाए या फिर मॉप-अप राउंड में जोड़ा जाए ताकि वे भर जाएं। भाटी ने कहा कि कोरोना महाामारी के इस समय में हमें डॉक्टरों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब हमने मॉप-अप राउंड में नई सीटें जोड़ी हैं।
बता दें कि एमसीसी ने कुछ दिन पूर्व एक बयान जारी कर कहा था कि मेडिकल काउंसलिंग कमेटी को कई संस्थानों से कुछ नई सीटों के बारे में जानकारी मिली है, जो अनुमति पत्र (LoPs) के देरी से प्राप्त होने के कारण, कॉलेज द्वारा पूर्व में नहीं बताई गई थी और उन्हें काउंसलिंग में नहीं जोड़ा जा सका था। इसलिए, अब नीट यूजी काउंसलिंग 2021 के मॉप-अप राउंड की शुरुआत में इन अतिरिक्त सीटों को शामिल किया जा रहा है। महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा, भारत सरकार की अनुमति के बाद, एमसीसी ने नीट यूजी काउंसलिंग के मॉप- अप राउंड के लिए सीट मैट्रिक्स में संस्थानों में एमबीबीएस और बीडीएस की नई सीटों को जोड़ा गया है।