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NEET PG Counseling 2021: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- नीट पीजी काउंसलिंग में अनिश्चितता खत्म करना जरूरी, आज भी होगी सुनवाई

Thu, 06 Jan 2022 03:26 AM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

NEET PG Counseling 2021: नीट पीजी के छात्रों ने 29 जुलाई को काउंसलिंग में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण के खिलाफ दायर की गई अपनी याचिका में 8 लाख के आय के मानदंडों का विरोध किया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) भी सुनवाई होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा, नीट-पीजी प्रवेश के संबंध में अनिश्चितता को समाप्त करने की आवश्यकता है क्योंकि केंद्र ने काउंसलिंग की अनुमति मांगी है। जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आठ लाख रुपये की वार्षिक आय मानदंड पर आपत्तियों के कारण काउंसलिंग अटकी हुई है। बहरहाल, इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज (गुरुवार को) भी सुनवाई होगी।

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हम एक ऐसे बिंदु पर हैं, जहां काउंसलिंग अटकी पड़ी है। हमें इस कठिन परिस्थिति में डॉक्टरों की आवश्यकता है। जनवरी 2019 तक के कोटा की ओर इशारा करते हुए मेहता ने कहा, इसे पूरे देश में लागू किया गया है। सरकार ऐसी किसी भी स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकती, जिससे ओबीसी या ईडब्ल्यूएस को वैध रूप से मिली चीजों से वंचित किया जाए। ऐसे में काउंसलिंग की अनुमति दी जाए और कोर्ट आपत्तियों पर विचार जारी रख सकता है। 

यह भी पढ़ें-  NEET Counselling 2021 Live: नीट मामले में सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई कल होगी, पढ़िए आज क्या हुआ
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पीठ ने याचिकाकर्ताओं के वकील अरविंद दातार व श्याम दीवान से उनका पक्ष पूछा। दीवान ने कहा, खेल के नियमों में बदलाव खेल के बीच में नहीं होना चाहिए। स्नातकोत्तर प्रवेश पूरी तरह से योग्यता के आधार पर होना चाहिए और आरक्षण न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उन निर्णयों का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि सुपर-स्पेशियल्टी पाठ्यक्रमों में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए। सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।
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नीट पीजी के छात्रों ने 29 जुलाई को काउंसलिंग में ओबीसी और ईडब्ल्यूएस आरक्षण के खिलाफ दायर की गई अपनी याचिका में 8 लाख के आय के मानदंडों का विरोध किया था। छात्रों का कहना है कि इस मानदंडों को लागू करने से पहले कोई भी अध्ययन नहीं किया गया। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि इस मामले पर कल सुनवाई जारी रहेगी, इसके बाद कोई भी आदेश जारी किया जाएग। 

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