विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रमुख कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में, पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करने के लिए एनसीईआरटी पर कुछ 'शिक्षाविदों' के हमले अनुचित हैं। इन शिक्षाविदों के हल्ला-गुल्ला में कोई योग्यता नहीं है। उनके बड़बड़ाने के पीछे का उद्देश्य अकादमिक कारणों से इतर प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी अपनी पाठ्यपुस्तकों की सामग्री का युक्तिकरण करने में पूरी तरह से न्यायोचित है। कुमार ने कहा कि वर्तमान पाठ्यपुस्तक संशोधन केवल वही नहीं हैं जो किए गए हैं।
एनसीईआरटी समय-समय पर पाठ्यपुस्तकों को संशोधित करता रहा है। एनसीईआरटी ने बार-बार कहा है कि पाठ्यपुस्तकों का संशोधन विभिन्न हितधारकों की प्रतिक्रिया और सुझावों से उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी ने यह भी पुष्टि की है कि यह स्कूली शिक्षा के लिए हाल ही में लॉन्च किए गए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के आधार पर पाठ्यपुस्तकों का एक नया सेट विकसित कर रहा है।