साक्षात्कार का पूर्वाभ्यास
अपने मॉक इंटरव्यू को ऐसे लें जैसे कि यह एक वास्तविक इंटरव्यू हो। यह आपको इंटरव्यू के लिए मानसिक, वैचारिक और भावनात्मक रूप से तैयार करता है। इससे दबाव कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। मुख्य साक्षात्कार में आपसे कुछ अप्रत्याशित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिनकी उम्मीद शायद आपने न की हो। मॉक इंटरव्यू आपको ऐसे किसी भी प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम बनाता है। साथ ही, परीक्षा कक्ष के अनुभव, बैठने और बातचीत करने का सलीका भी सिखाता है।
भावनाओं पर नियंत्रण
इंटरव्यू के समय इतना अधिक तनाव व दवाब रहता है कि कई प्रतियोगी अपना मूल स्वभाव ही खो देते हैं। चेहरे पर रहने वाली स्वाभाविक मुस्कान जैसे एकदम गायब हो जाती है। किसी प्रश्न का उत्तर न आने पर छात्र हड़बड़ाहट में गलत जवाब दे देते हैं। इससे दबाव और बढ़ जाता है। इसका प्रभाव पूरे साक्षात्कार पर पड़ सकता है। मॉक इंटरव्यू के जरिये आप अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पा सकेंगे और ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने में मानसिक व भावनात्मक रूप से तैयार हो पाएंगे।
टॉपिक से न भटकें
अक्सर साक्षात्कार के दौरान उत्तर देते समय छात्र मूल विषय से भटक जाते हैं, इससे साक्षत्कार लेने वालों के सामने छवि खराब हो सकती है। मॉक-इंटरव्यू से आप इस पर नियंत्रण करना और पूछे गए प्रश्नों के सटीक उत्तर देने का कौशल सीख सकते हैं। इसका सीधा लाभ साक्षात्कार में भी मिलता है। इसके अलावा मॉक इंटरव्यू आत्म-मूल्यांकन के लिए सिद्ध और कारगर उपकरण के रूप में काम करते हैं।
व्यवहार-आधारित स्टार-विधि
मॉक इंटरव्यू एक बेहतरीन रणनीति है, जो संचार कौशल को निखारने और जवाब को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाता है। मॉक इंटरव्यू व्यवहार संबंधी प्रश्नों के लिए स्टार-विधि प्रतिक्रियाएं देने में भी सक्षम बनाता है। स्टार-विधि व्यवहार-आधारित साक्षात्कार प्रश्न का उत्तर देने का एक रणनीतिक तरीका है, जिसमें कोई भी इन्सान स्थिति के आधार पर कार्य, कार्रवाई और परिणाम पर चर्चा कर सकता है। किसी अच्छे संस्थान के मॉक इंटरव्यू में भाग लेना सुनिश्चित करें। यदि यह संभव न हो सके, तो शीशे के सामने बैठकर भी अभ्यास किया जा सकता है।