शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कक्षा दसवीं और बारहवीं का कोई भी विद्यार्थी फेल नहीं होगा। ग्रेड के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा।
इससे पहले 23 मई को केंद्र और राज्यों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद एक इंटरव्यू में सूबे के शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार का कहना था कि बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन करना जरूरी है। उन्होंने कहा था कि पीयूसी परीक्षा आयोजित करना छात्रों के भविष्य के हित में एक महत्वपूर्ण और उचित कदम है। इसके अलावा, इससे पहले 17 मई को सूबे की सरकार का कहना था कि कर्नाटक एसएसएलसी, पीयूसी परीक्षा को रद्द करने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाएं सिर्फ स्थगित हुई हैं और जुलाई एवं अगस्त में संभावित नई तिथियों की घोषणा की जा सकती है।