जेयू रजिस्ट्रार स्नेहामंजू बसु ने बताया कि आज की ईसी बैठक नहीं हो सकी। मेरे पास इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए और कुछ नहीं है। बसु को लिखे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार की मंजूरी के बिना ईसी की बैठक आयोजित करना नियमों का उल्लंघन होगा। राज्य सरकार द्वारा ऐसी कोई मंजूरी जारी नहीं की गई है
ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने जताई चिंता
ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (एबीयूटीए) ने इस घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक रद्द करने से दीक्षांत समारोह आयोजित करने, छात्रों को डिग्री देने, कर्मचारियों का वेतन देने और अन्य बजटीय आवंटन में अनिश्चितताएं हो सकती हैं। एबीयूटीए के जेयू संयोजक देबब्रत बेरा ने कहा, "हम राज्य के नोटिस को तत्काल रद्द करने की मांग करते हैं जो अलोकतांत्रिक और छात्र विरोधी है।"
सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला
शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने पहले कहा था कि कार्यवाहक वीसी यह बैठक नहीं बुला सकते, क्योंकि राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा उनकी नियुक्ति को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की राज्यपाल द्वारा एकतरफा नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।.