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पश्चिम बंगाल : जादवपुर विश्वविद्यालय ने रद्द की कार्यकारी परिषद की बैठक, सामने आई यह वजह

Fri, 24 Nov 2023 06:22 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Jadavpur University: पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्तियों के बाद, जादवपुर विश्वविद्यालय ने दिसंबर में होने वाले वार्षिक दीक्षांत समारोह और एक महीने में दूसरी बार विश्वविद्यालय बजट जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक रद्द कर दी है।
 
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Jadavpur University - फोटो : Social Media
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विस्तार
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Jadavpur University: पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्तियों के बाद, जादवपुर विश्वविद्यालय ने दिसंबर में होने वाले वार्षिक दीक्षांत समारोह और एक महीने में दूसरी बार विश्वविद्यालय बजट जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा के लिए कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक रद्द कर दी है। यह बैठक शुक्रवार को होने वाली थी। विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था ईसी की पिछली बैठक इसी आधार पर 04 नवंबर को नहीं हो सकी थी।

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जेयू रजिस्ट्रार स्नेहमंजू बसु को लिखे पत्र में, उच्च शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी "नियमित" वीसी की अनुपस्थिति में, प्रोफेसर बुद्धदेव साव को कुलपति के कर्तव्यों का पालन करने के लिए अधिकृत किया गया है।

जेयू रजिस्ट्रार स्नेहामंजू बसु ने बताया कि आज की ईसी बैठक नहीं हो सकी। मेरे पास इस मामले पर टिप्पणी करने के लिए और कुछ नहीं है। बसु को लिखे पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार की मंजूरी के बिना ईसी की बैठक आयोजित करना नियमों का उल्लंघन होगा। राज्य सरकार द्वारा ऐसी कोई मंजूरी जारी नहीं की गई है

ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने जताई चिंता

ऑल बंगाल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (एबीयूटीए) ने इस घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बैठक रद्द करने से दीक्षांत समारोह आयोजित करने, छात्रों को डिग्री देने, कर्मचारियों का वेतन देने और अन्य बजटीय आवंटन में अनिश्चितताएं हो सकती हैं। एबीयूटीए के जेयू संयोजक देबब्रत बेरा ने कहा, "हम राज्य के नोटिस को तत्काल रद्द करने की मांग करते हैं जो अलोकतांत्रिक और छात्र विरोधी है।"

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सुप्रीम कोर्ट में लंबित है मामला

शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने पहले कहा था कि कार्यवाहक वीसी यह बैठक नहीं बुला सकते, क्योंकि राज्यपाल सीवी आनंद बोस द्वारा उनकी नियुक्ति को उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। राज्य के कई विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की राज्यपाल द्वारा एकतरफा नियुक्ति का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।.

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