गुजरात बोर्ड ने दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। अब दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में पदोन्नत किया जाएगा। यह फैसला गुरुवार को सूबे के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की बैठक में लिया गया। सीएम ने कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते हुए संक्रमण की वजह से इस वक्त दसवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजित संभव नहीं है। इसलिए दसवीं के छात्रों को बिना परीक्षा के ही पास किया जाएगा।
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हालांकि, गुजरात पहला राज्य नहीं है जिसने दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द किया है और छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास करने की घोषणा की है। इससे पहले सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड सहित कई राज्य बोर्डों ने दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया है। गुजरात बोर्ड की 10वीं की परीक्षा के लिए 15 लाख छात्रों ने पंजीकरण किया था। अब इन छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए अगली कक्षा में प्रमोट किया जाएगा। इसके अलावा, महाराष्ट्र बोर्ड, मध्य प्रदेश बोर्ड, छत्तीसगढ़ बोर्ड और गोवा बोर्ड ने भी दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द किया है और छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास करने की घोषणा की है।
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हालांकि, गुजरात बोर्ड बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन करेगा। इससे पहले बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं का आयोजन 10 मई से लेकर 25 मई तक कराने की घोषणा की थी। लेकिन कोरोना वायरस की वजह से परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया था और उन पर फैसला 15 मई तक लिया जाना था। 13 मई को हुई बैठक में सूबे के मुख्यमंत्री ने दसवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया और छात्रों को बिना परीक्षा के ही पास करने की घोषणा की।