कुल पांच मामले दर्ज
पूर्व कुलपति चक्रवर्ती के खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज किए गए हैं, जिनका विवादों से भरा कार्यकाल इस महीने की शुरुआत में समाप्त हो गया। सोमवार को उनसे तीन मामलों में पूछताछ की गई। अधिकारियों ने कहा कि दो मामले देवी दुर्गा और बंगाली समुदाय के संबंध में उनकी टिप्पणियों से संबंधित हैं, जबकि एक परिसर के आसपास ई-रिक्शा स्टैंड के स्थानांतरण से संबंधित है। पूरी पूछताछ प्रक्रिया का वीडियो टेप किया जा रहा है, जिसे अदालत में जमा किया जाएगा।
घर पर पूछताछ करने की मंजूरी
इससे पहले, चक्रवर्ती ने मामलों में राहत की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। हालांकि, हाईकोर्ट ने पुलिस को उनके घर पर उनसे पूछताछ करने का निर्देश दिया, लेकिन कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
स्मृति पट्टिकाओं पर विवाद
बता दें कि शांतिनिकेतन, जहां टैगोर ने एक सदी पहले विश्वभारती विश्वविद्यालय का निर्माण किया था, उसे सितंबर में यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। विश्वविद्यालय ने इसकी स्मृति में तीन पट्टिकाएं स्थापित कीं, लेकिन पट्टिकाओं पर टैगोर का नाम नहीं था, और इसके बजाय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, जो चांसलर हैं, और तत्कालीन कुलपति चक्रवर्ती का नाम था। इस घटना से राजनीतिक हंगामा मच गया और सीएम बनर्जी, विपक्षी भाजपा और कई प्रसिद्ध हस्तियों ने चक्रवर्ती की आलोचना की।
इसके बाद में, शांतिनिकेतन ट्रस्ट ने राज्य के एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की, जिसमें कहा गया कि चक्रवर्ती ने उसके स्वामित्व वाली भूमि पर एक पट्टिका स्थापित करने से पहले अनुमति नहीं ली थी।