NEET PG Counselling (सांकेतिक फोटो)
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आरएमएल दिल्ली के रेजिडेंट डॉक्टरों ने 6 दिसंबर से सभी इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार करने का एलान किया है। इसके साथ ही अस्पताल में ओपीडी सेवाएं भी बंद रहेंगी। रेजिडेंट डॉक्टरों ने यह फैसला नीट पीजी काउंसलिंग 2021 की प्रक्रिया में लगातार होती देरी के कारण लिया है। फेडरेशन ऑफ रेसिडेंट डॉक्टर असोसिएशन (फोर्डा) द्वारा बुलाए गए हड़ताल के बाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी द्वारा संचालित अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा 6 दिसंबर 2021 से सभी जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। इससे पहले भी देश के कई राज्यों में रेजिडेंट डॉक्टरों ने नीट पीजी काउंसलिंग प्रक्रिया में देरी के विरोध में ओपीडी सेवाओं को बंद कर दिया था।
Delhi | Resident doctors of RML hospital to boycott Emergency services from 6th Dec along with OPD services due to "repeated delay in NEET PG Counselling 2021".
— ANI (@ANI)
December 5, 2021
25 अक्टूबर को शुरू होनी थी नीट पीजी की काउंसलिंग
नीट पीजी काउमसलिंग 25 अक्टूबर 2021 से शुरू होनी थी। लेकिन कुछ छात्र नीट में शुरू हुई दो आरक्षित श्रेणियों - 27 फीसद ओबीसी - नॉन क्रीमी लेयर और 10 फीसद गैर आरक्षित वर्गों के लिए शुरू हुई ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) के इस वर्ष लागू होने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय चले गए थे। न्यायालय ने इस मामले का हल न निकलने तक काउंसलिंग पर रोक लगा दी। आर्थिक आधार पर कमजोर वर्गों के मापदंड पर पुर्नविचार करने हेतु केंद्र सरकार द्वारा चार सप्ताह का समय मांगा गया है। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और इस मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी 2022 को होनी है।
मामला न्यायलय में लंबित होने के कारण मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु काउंसलिंग की प्रक्रिया भी नहीं हो पा रही है। पीजी काउंसलिंग के उपरांत उपलब्ध नवीन पीजी छात्रों के मेडिकल कॉलेजों में ज्वॉइन नहीं कर पाने के कारण महाविद्यालयों में वर्तमान में अध्ययनरत पीजी छात्रों के द्वारा हड़ताल की जा रही है। इसी कारण मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में आमजन को दी जा रही स्वास्थय सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हुआ है।
अस्पतालों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के कारण पहले से ही उन पर काम का बहुत अधिक बोझ है। इसके बाद पीजी मेडिसिन के लिए हुई नीट काउंसलिंग 2021 में देरी की वजह से उन्हें प्रथम वर्ष का भी काम करना पड़ रहा है। क्योंकि प्रवेश की प्रक्रिया ही बाधित है। डॉक्टरों ने हड़ताल के माध्यम से अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि द्वितीय और तृतीय वर्ष को पूरा कर चुके रेजीडेंट डॉक्टरों का तनाव लगातार बढ़ रहा है, जो पूरी तरह अनुचित है। इसलिए काउंसलिंग को जल्द से जल्द शुरू करते हुए पीजी मेडिसिन पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।
आधा वर्ष बर्बाद, छात्र परेशान
करियर के लिहाज से ऐसे कई मेडिकल के छात्रों में भी तनाव नजर आने लगा है। ऐसे कई छात्रों का कहना है कि उनका आधा वर्ष बर्बाद हो चुका है। 11 सितंबर 2021 को नीट की परीक्षा हुई थी। इसके परिणाम 28 सितंबर 2021 को आ गए थे। नतीजे आए हुए अब पूरे दो महीने गुजर चुके हैं। ऐसे में वह भी बहुत परेशान हैं।