केरल की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि मासिक धर्म के दौरान छात्राओं को होने वाली मानसिक और शारीरिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों में मासिक धर्म की छुट्टी लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हाल ही में कोचीन विश्वविद्यालय द्वारा लिए गए निर्णय की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह केरल में पहली बार है कि किसी शैक्षणिक केंद्र ने छात्राओं को मासिक धर्म की छुट्टी दी है। मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई महिला सशक्तीकरण गतिविधियों को जारी रखने के लिए छात्र संघ नेतृत्व और विश्वविद्यालय नेतृत्व को एक साथ काम करते हुए देखना बहुत खुशी की बात है।
कोचीन विश्वविद्यालय में दो प्रतिशत अतिरिक्त छूट
कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CUSAT) स्वायत्त विश्वविद्यालय है। इसमें विभिन्न संकाय में 8,000 से अधिक छात्र-छात्राएं हैं और उनमें से आधे से अधिक लड़कियां हैं। देश में पहली बार, विश्वविद्यालय ने अपने यहां अध्ययनरत छात्राओं के लिए मासिक धर्म यानी माहवारी का अवकाश (Menstrual Leave) देने की घोषणा की थी। कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CUSAT) ने 11 जनवरी, 2023 को जारी अवकाश संबंधी आदेश में कहा कि विश्वविद्यालय ने प्रत्येक सेमेस्टर में छात्राओं की उपस्थिति में कमी को लेकर दो प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने का फैसला किया है।
इस विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए मातृत्व अवकाश भी
पिछले महीने ही केरल में महात्मा गांधी विश्वविद्यालय ने अपने पाठ्यक्रम के दौरान डिग्री और स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए 60 दिनों का मातृत्व अवकाश देने का फैसला किया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में भी मातृत्व लाभ कानून 1961 की धारा 14 का अनुपालना सुनिश्चित करने की मांग के लिए एक याचिका दायर की गई है। वहीं, माहवारी के दौरान शुरुआती तीन दिन के लिए अवकाश देने के नियम की भी मांग की गई है।