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लविवि में दीक्षांत समारोह : राज्यपाल का मेधावियों से आह्वान, सामाजिक सरोकारों से जुड़े युवा, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग रोकें, वोकल फॉर लोकल को दें बढ़ावा

Sat, 27 Nov 2021 01:19 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत का समय पूर्व में दो बार बदलने जाने के बावजूद समारोह की अध्यक्ष राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ही एक घंटे देरी से पहुंच सकी। बदले समय के अनुसार राज्यपाल का सुबह 11.20 बजे पहुंचना प्रस्तावित था, लेकिन वह लगभग एक घंटे की देरी से 12.20 बजे विश्वविद्यालय पहुंचीं।
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मेडल पाने वाले छात्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शुक्रवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के 64वें दीक्षांत समारोह में युवाओं का सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान किया। मेधावियों को मेडल व उपाधि देने के बाद उन्होंने कहा कि आज का यह शुभ दिन पदक प्राप्त करने वालों के लिए मील का पत्थर है। मैं विद्यार्थियों से आह्वान करूंगी कि देश में चल रहे जल संरक्षण के अभियान में पानी बचाने की आदत डालकर सहयोग करें। देश डिजिटल लेनदेन पर बल दे रहा है तो हमारा भी कर्तव्य है कि कैश ट्रांजैक्शन कम से कम करें।
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राज्यपाल ने कहा कि देश में वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय उत्पादों को खरीदें, सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग पूरी तरह रोकें। युवा पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे बढ़कर काम करें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता बहुत ही महत्वपूर्ण है, लेकिन मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूकता के साथ संवेदनशील भी बनना होगा। आप निरंतर अनुशासन के साथ जीवन में आगे बढ़े। आप सभी उपलब्ध ज्ञान का प्रयोग व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज व सरकार के लिए भी करेंगे। चाहे दुनिया के किसी भी कोने में रहें, जीवन मूल्यों का पालन अवश्य करेंगे।

उन्होंने युवाओं से कहा कि पंख फैलाकर उड़ान भरें, लेकिन अपनी जमीन भी न छूटे। शिक्षकों से कहा कि वे नैतिक दायित्व व व्यावसायिक दक्षता के साथ काम करेंगे तो निश्चित ही हम फिर से विश्व गुरु बन सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के साथ-साथ लखनऊ विश्वविद्यालय ने भी मेरे सुझाव पर कई सामाजिक कार्यक्रम चलाए। शिक्षा के क्षेत्र में भी वह बेहतर काम कर रहा है। विवि ने नवाचार योजनाओं के साथ ई-सुविधाओं को बढ़ाया। रोजगार की दृष्टि से नए केंद्र व कोर्स शुरू किए हैं। कार्यक्रम में राज्यपाल ने आधा दर्जन शिक्षकों की पुस्तकों का विमोचन व विभिन्न कार्यों का लोकार्पण भी किया। साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए बच्चों को किताबें, बैग व उपहार दिए। समारोह में कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएम सक्सेना समेत शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. केया पांडेय ने किया।
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रंग ला रहे महिला सशक्तीकरण के प्रयास
राज्यपाल ने कहा आज यहां बहुत सी छात्राओं को मेडल मिल रहा है। इसमें से कई ऐसी होंगी जो बहुत संघर्ष कर यहां तक पहुंची होंगी। हमने वह समय भी देखा है जब महिलाएं अपने मौलिक अधिकार, उचित पोषण, उचित चिकित्सा, शिक्षा के लिए संघर्ष करती थीं। हाल में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) ने देश-प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं का सर्वे किया था। देश व प्रदेश में पहली बार महिला आबादी बढ़ी है। यह सरकार द्वारा कन्या भ्रूण हत्या रोकने के सख्त उपाय और परिवार नियोजन के प्रति बढ़ी जागरूकता का परिणाम है।

स्वाति को चांसलर, देवधर को चक्रवर्ती गोल्ड मेडल
दीक्षांत समारोह में एलएलबी ऑनर्स की छात्रा स्वाति सिंह को चांसलर गोल्ड मेडल, एलएलबी ऑनर्स के ही देवधर दुबे को डॉ. चक्रवर्ती गोल्ड मेडल, बीए के छात्र मीतेंद्र श्रीवास्तव को वाइस चांसलर गोल्ड मेडल, लवी शुक्ला को बेस्ट गर्ल्स स्टूडेंट व बेस्ट पीजी स्टूडेंट के लिए चांसलर सिल्वर मेडल दिया गया। साथ ही बीए फाइनल ईयर की इकरा रिजवान वारसी व अभिनव कुमार वर्मा, बीएससी फाइनल ईयर के मोहम्मद अयूब अहमद व कुलदीप कुमार पटेल, बीकॉम फाइनल ईयर की दिशा मिश्रा व सुशानी कान्याल, बीएफए फाइनल ईयर के विनय सिंह व श्रद्धा पांडेय, एलएलबी फाइव ईयर के पुनीत देशवाल व एलएलबी थ्री ईयर की प्रियंवदा शुक्ला को चांसलर ब्रोंज मेडल दिया गया।
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दीक्षांत में एक घंटे देरी से पहुंचीं राज्यपाल, उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा भी मुख्य कार्यक्रम में रहे अनुपस्थित

लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत का समय पूर्व में दो बार बदलने जाने के बावजूद समारोह की अध्यक्ष राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ही एक घंटे देरी से पहुंच सकी। बदले समय के अनुसार राज्यपाल का सुबह 11.20 बजे पहुंचना प्रस्तावित था, लेकिन वह लगभग एक घंटे की देरी से 12.20 बजे विश्वविद्यालय पहुंचीं। इससे सभी को लंबा इंतजार करना पड़ा। खासकर विद्यार्थियों को जो प्रोटोकाल के चलते सुबह 10 बजे ही समारोह में उपस्थित हो गए थे। इतना ही नहीं समारोह के विशिष्ट अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा भी मुख्य कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे। उन्हें प्रयागराज एक कार्यक्रम में जाना था, जिसकी वजह से वे राज्यपाल का स्वागत करने के लिए विश्वविद्यालय तो पहुंचे, लेकिन उनके देरी से आने की खबर सुनकर वापस लौट गए।

एनआईआरएफ में जगह बनाई, नैक के लिए प्रयास
समारोह में वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा कि कार्यक्रम जरूर छोटा हो रहा है, लेकिन 500 से अधिक कॉलेज तक इसका विस्तार है। दीक्षांत के तुरंत बाद 34811 विद्यार्थियों को डिग्री डाक से भेजी जाएगी। हमने एनआईआरएफ में स्थान बनाया है और नैक में बेहतर ग्रेडिंग के लिए प्रयास कर रहे हैं। हम एनईपी लागू करने वाले देश के पहले संस्थान हैं। इसके तहत आज दो पीजी विद्यार्थियों को डिप्लोमा भी दिया जा रहा है। एनईपी के अनुसार हमने डी.लिट, पीएचडी, यूजी-पीजी का नया सिलेबस पास किया है। इस साल दो नई फैकल्टी व तीन नए संस्थान शुरू किए। कोविड प्रभावित छात्रों की पढ़ाई का खर्च भी उठाया है। विवि अपने सामाजिक सरोकारों को भी बखूबी निभा रहा है।

इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण
- ऑडियो सुविधा वाला जनजातीय संग्रहालय
- विश्वविद्यालय का मोबाइल ऐप व कर्मचारी आवास
- महिला व पुरुष प्रसाधन, एजुकेशन विभाग में लिफ्ट
- राष्ट्रीय सेवा योजना भवन का विस्तारीकरण
- छात्रावासों में स्थापित ओपेन एयर जिम
- छात्रावासों में वाटर कूलर, सेनेट्री वेंडिंग मशीन

बीटेक के पहले बैच को मिली डिग्री
लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली बार बीटेक के पहले बैच के विद्यार्थियों को भी डिग्री अवॉर्ड की गई। विश्वविद्यालय की पांच ब्रांचों में बीटेक कोर्स की शुरुआत 2017-18 में की गई थी। यह बैच 2020-21 में पास आउट हुआ। इस बैच में 290 में से 269 विद्यार्थियों को डिग्री दी गई। आगे चलकर इनके मेडल भी शुरू किए जाएंगे।

विवि में आज अवकाश घोषित
लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने दीक्षांत समारोह के समापन के बाद शनिवार 27 नवंबर को विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित किया है। अब विश्वविद्यालय सोमवार को खुलेगा। बता दें कि दीक्षांत समारोह के कारण रविवार को भी विश्वविद्यालय खोला गया था।
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