केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
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केंद्र सरकार ने नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलशिप योजना (National Means Cum-Merit Scholarship Scheme) को आगामी पांच वर्षों तक के लिए जारी रखने का फैसला किया है। सरकार ने इसके लिए कुल 1827 करोड़ रुपये राशि खर्च करने का लक्ष्य रखा है। इस छात्रवृत्ति के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को 12 हजार रुपये की सालाना आर्थिक मदद दी जाएगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
इस स्कॉलशिप योजना को आगे बढ़ाने की जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी है। उन्होंने बताया कि कक्षा आठवीं के बाद छात्रों की पढ़ाई छोड़ने की दर को कम करने के लिए और उनकी माध्यमिक शिक्षा को जारी रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलशिप योजना को 5 सालों तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए 1827 करोड़ रुपये की राशि की व्यवस्था की गई है।
लाखों छात्र हो चुके लाभान्वित
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया की इस छात्रवृत्ति के माध्यम से अगले पांच वर्षों में 14.76 लाख छात्रों को आर्थिक मदद दी जाएगी। साल 2008-09 में इस छात्रवृत्ति के शुरू होने से लेकर अब तक कुल 22 लाख गरीब छात्रों को आर्थिक मदद दी गई है।
कैसे होता है चयन?
इस छात्रवृत्ति के लिए छात्रों का चयन क्षेत्रीय स्तर पर आयोजित कराई गई परीक्षा के आधार पर किया जाता है। परीक्षा में सफल छात्रों को कक्षा नवीं से लेकर कक्षा 12वीं तक छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक मदद दी जाती है।