केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस साल बारहवीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के ही पास करेगा। बारहवीं कक्षा के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए पास किया जाएगा। हालांकि, अभी बोर्ड की तरफ से इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि बारहवीं कक्षा के छात्रों को पास करने का आंतरिक पैमाना या मानदंड क्या होगा। इस बीच सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी का कहना है कि दो हफ्ते के भीतर मूल्यांकन मानदंड जारी कर दिए जाएंगे। आपको बता दें कि 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति के चलते, और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12वीं की परीक्षाओं को रद्द किया था।
प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि बारहवीं कक्षा के परिणाम समयबद्ध तरीके से अच्छी तरह से परिभाषित वस्तुनिष्ठ मानदंडों के अनुसार तैयार किए जाएंगे। यह भी कहा गया था कि जो विद्यार्थी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया से प्राप्त नंबरों से संतुष्ट नहीं होंगे, उनको कोरोना वायरस की स्थिति के सामान्य होने के बाद परीक्षा में बैठने का विकल्प दिया जाएगा। इस बीच बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के संभावित मूल्यांकन मानदंड प्रक्रिया को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि किन संभावित ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया के आधार पर इस साल बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पास किया जाएगा। वहीं, सीबीएसई में मूल्यांकन क्राइटेरिया तय करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। जिसे 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। कमेटी की पहली बैठक जल्द होगी।