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सीबीएसई: जानिए, क्या हो सकती है 12वीं के रिजल्ट की मार्किंग स्कीम? कमेटी गठित

Fri, 04 Jun 2021 05:58 PM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट की संभावित मार्किंग स्कीम - फोटो : पीटीआई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस साल बारहवीं कक्षा के छात्रों को बिना परीक्षा के ही पास करेगा। बारहवीं कक्षा के छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया के जरिए पास किया जाएगा। हालांकि, अभी बोर्ड की तरफ से इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि बारहवीं कक्षा के छात्रों को पास करने का आंतरिक पैमाना या मानदंड क्या होगा। इस बीच सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी का कहना है कि दो हफ्ते के भीतर मूल्यांकन मानदंड जारी कर दिए जाएंगे। आपको बता दें कि 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति के चलते, और विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12वीं की परीक्षाओं को रद्द किया था।     

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि बारहवीं कक्षा के परिणाम समयबद्ध तरीके से अच्छी तरह से परिभाषित वस्तुनिष्ठ मानदंडों के अनुसार तैयार किए जाएंगे। यह भी कहा गया था कि जो विद्यार्थी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया से प्राप्त नंबरों से संतुष्ट नहीं होंगे, उनको कोरोना वायरस की स्थिति के सामान्य होने के बाद परीक्षा में बैठने का विकल्प दिया जाएगा। इस बीच बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के संभावित मूल्यांकन मानदंड प्रक्रिया को लेकर काफी चर्चा हो रही है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि किन संभावित ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया के आधार पर इस साल बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पास किया जाएगा। वहीं, सीबीएसई में मूल्यांकन क्राइटेरिया तय करने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। जिसे 10 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। कमेटी की पहली बैठक जल्द होगी।
 

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विद्यार्थी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
स्कूलों में विद्यार्थियों के तीन साल के प्रदर्शन के आधार पर
विभिन्न रिपोर्ट्स के आधार पर इस साल बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पास करने के लिए उनके स्कूलों में तीन साल के प्रदर्शन को देखा जा सकता है। यह सबसे चर्चित मूल्यांकन मानदंडों में से एक यह है कि छात्रों का मूल्यांकन पिछले वर्षों में क्रमशः नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं कक्षाओं में उनके नंबरों को आधार बनाकर किया जाए। इसके अलावा, मूल्यांकन मानदंड का दूसरा विकल्प 12वीं की व्यावहारिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं को बनाया जा सकता है। इसमें बारहवीं कक्षा के छात्रों के प्री बोर्ड परीक्षाओं और टेस्ट के अंकों के आधार पर उनका रिजल्ट तैयार किया जा सकता है। सीबीएसई ने दसवीं कक्षा के रिजल्ट को तैयार करने के लिए भी यही मूल्यांकन मानदंड अपनाया है।
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सीबीएसई बोर्ड - फोटो : अमर उजाला
हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि बारहवीं कक्षा के रिजल्ट को तैयार करने के लिए नौवीं से लेकर ग्यारहवीं कक्षा तक के अंकों को आधार बनाया जाना सही नहीं है। क्योंकि इस दौरान विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भारी बदलाव आया है। विशेषज्ञों ने मूल्यांकन मानदंड की इस प्रक्रिया को सही तरीका नहीं बताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बारहवीं का रिजल्ट नौवीं में विद्यार्थियों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर कैसे बनाया जा सकता है। कई विशेषज्ञों ने बारहवीं कक्षा के रिजल्ट को तैयार करने के लिए बारहवीं के ही अंकों को आधार बनाये जाने को सही तरीका बताया है। ऐसे विशेषज्ञों का मानना है कि बारहवीं के रिजल्ट के लिए आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए जिसमें बारहवीं के प्री बोर्ड और टेस्ट के अंकों को शामिल करना चाहिए। आपको बता दें कि सीबीएसई की तरफ से बारहवीं की परीक्षा रद्द किये जाने के बाद यूपी, मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित करीब 8 बोर्ड बारहवीं की परीक्षा रद्द कर चुके हैं।
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