CBSE Exam 2024: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से 10वीं-12वीं की वार्षिक परीक्षाएं अगले साल 15 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। जबकि दोनों कक्षाओं के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 01 जनवरी, 2024 से शुरू हो जाएंगी। बोर्ड परीक्षाओं से पहले, इस वर्ष बोर्ड ने कई बड़े बदलावों की घोषणा की है। आइए जानते हैं नए सत्र में क्या-क्या बदलेगा...
सीबीएसई ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों के लिए मार्किंग स्कीम की घोषणा की है। इस योजना के अनुसार, थ्योरी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट और आंतरिक मूल्यांकन के बीच अंकों के वितरण के साथ प्रत्येक विषय के लिए आवंटित अधिकतम 100 अंक हैं। कक्षा 10वीं के लिए 83 विषयों और कक्षा 12वीं के लिए 121 विषयों के लिए मार्किंग स्कीम लागू की गई है।
सीबीएसई की तरफ से अब कक्षा 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित करते समय छात्रों की कोई मेरिट सूची जारी नहीं की जाएगी। इसके अलावा सीबीएसई बोर्ड ने इस वर्ष छात्रों को कोई भी डिविजन, डिस्टिंक्शन नहीं देने का निर्णय लिया है।
नई शिक्षा नीति को लागू करने के लिए शिक्षा मंत्रालय की तरफ से स्कूल एजुकेशन का नया नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) तैयार किया गया है। नए पाठ्यक्रम ढांचे के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित की जाएंगी, जिसमें छात्रों के पास सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाए रखने का विकल्प होगा।, जबकि कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को एक के बजाय दो भाषाएं पढ़नी होगी। इसमें सीबीएसई भी शामिल है।
बोर्ड की ओर से परीक्षा को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है। छात्रों को किसी कॉलेज या विवि में प्रवेश लेने के लिए पहले पांच विषयों का चयन करना पड़ता था। लेकिन बदलाव के बाद अब छात्र अपने अनुसार बेस्ट पांच विषयों का चयन कर सकते हैं। यह बदलाव छात्रों के लिए उपयोगी साबित होंगे।
बोर्ड ने कहा कि अगर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट या नौकरी के लिए एंप्लॉयर छात्रों के मार्क्स के परसेंटेज जानना चाहते हैं, तो वे स्वयं ही सीजीपीए कैलकुलेट करके उसका परसेंटेज निकाल सकते हैं। सीजीपीए कैलकुलेट करने के लिए टॉप 5 सब्जेक्ट के ग्रेड पॉइंट्स इस्तेमाल किया जाएगा।