शीर्ष अदालत ने कहा है कि आरटी-पीसीआर परीक्षण फुलप्रूफ नहीं है, इसलिए प्रत्येक छात्र की जांच करने के लिए एक सक्षम चिकित्सा प्राधिकरण (कॉम्पिटेंट मेडिकल अथॉरिटी) होना चाहिए। इसके साथ ही आईसीएआई को कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए आरटीपीसीआर टेस्ट, परीक्षा हॉल और एसओपी के संबंध में नियमों का एक स्पष्ट विवरण जमा करना होगा।
बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा था कि सीए की परीक्षा को "स्थगित" नहीं किया जा सकता है। क्योंकि यही समय परीक्षा के लिए सही है। अभी देश भर में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी गिरावट दर्ज हुई है। वहीं आईसीएआई ने सुप्रीम कोर्ट के साथ साझा किए गए नोट में कहा है कि सीए की परीक्षा प्रोफेशनल है और इसकी तुलना सीबीएसई सहित अन्य बोर्ड परीक्षाओं से नहीं की जा सकती है।
अब जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने इस परीक्षा से जुड़े अन्य मसलों पर बुधवार को विचार करेगी। आईसीएआई को इस संबंध में नोट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अंतिम आदेश पारित कर सकता है।