फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2024: कौशल विकास पर सरकार का जोर, 4.1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य

Wed, 24 Jul 2024 07:49 AM IST
कृपा अरोड़ा अमर उजाला नेटवर्क

सार

Budget 2024: प्रधानमंत्री पैकेज के तहत तीन रोजगार प्रोत्साहन योजनाएं लागू होंगी, 1.48 लाख करोड़ होंगे खर्च। उद्योग की कौशल संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम की विषय-वस्तु और फ्रेमवर्क होंगे तैयार।
विज्ञापन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Budget 2024: बीते कुछ सालों से बेरोजगारी बड़ी समस्या बनकर उभरी है। पिछले आम चुनावों में भी बेरोजगारी को विपक्षी दलों ने सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बजट में युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण पहल और योजनाओं की घोषणा की है।
विज्ञापन


इससे 4.1 करोड़ युवाओं को लाभ मिलेगा। इन योजनाओं के  1.48 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य कर्मचारियों के साथ-साथ नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहित करना है।

सरकार रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री पैकेज के हिस्से के रूप में तीन योजनाएं लागू करेगी। ये ईपीएफओ में नामांकन पर आधारित होंगे। पहली बार नौकरी ज्वॉइन करने वालों को एक महीने का वेतन सरकार देगी।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री पैकेज के तहत चौथी योजना के रूप में कौशल कार्यक्रमों की घोषणा की गई है। इसके तहत 20 लाख युवाओं को कौशल विकास के लिए एक नई योजना के तहत प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य सरकारों और उद्योग के सहयोग से संचालित होगा।
Trending Videos

पहली योजना- पहली नौकरी वालों को एक माह का वेतन

सरकार कर्मचारी भविष्य निधि- ईपीएफओ में पंजीकृत हुए पहली बार रोजगार पाने वाले लोगों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से एक महीने का वेतन 15 हजार की तीन किस्तों में देगी और यह अधिकतम होगा। इस योजना से दो वर्ष तक 2.1 करोड़ युवा लाभांवित होंगे।

यह योजना सभी प्रमुख औपचारिक कार्य क्षेत्रों में कामगार के रूप में शामिल होने वाले नए युवाओं पर लागू होगी। इस योजना में शामिल होने के लिए पात्रता सीमा एक लाख रुपये प्रति माह वेतन होगी। रोजगार नियुक्ति होने से 12 महीने की अवधि में समाप्त हो जाता है, तो सब्सिडी की राशि नियोक्ता को लौटानी होगी।

दूसरी योजना- विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन

विनिर्माण के क्षेत्र में रोजगार देने और पाने वालों को सरकार इंसेंटिव देगी। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को उनके ईपीएफओ में योगदान के अनुसार, रोजगार के पहले 4 साल में इंसेंटिव दिया जाएगा। यह एक लाख रुपये तक प्रतिमाह वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू होगा। इस योजना से हर साल कार्यशक्ति में प्रवेश करने वाले 30 लाख युवाओं को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

तीसरी योजना- नियोक्ताओं को सहायता

इसके तहत नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो वर्ष तक उनके प्रतिमाह तीन हजार रुपये तक के ईपीएफओ योगदान की प्रतिपूर्ति की जाएगी। नियोक्ताओं को कम से कम ऐसे कामगारों को नियुक्त करना होगा, जिनका पहले से ईपीएफओ का नामांकन न हुआ हो।

साथ ही कंपनी पिछले वर्ष में ईपीएफओ की तुलना में कम से कम दो या पांच कर्मचारी बढ़ाती है, तो उन कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। योजना से 50 लाख लोगों को अतिरिक्त रोजगार मिलने की उम्मीद है।

कौशल और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का होगा उन्नयन
अगले पांच वर्षों में कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन किया जाएगा। इसके परिणाम और गुणवत्ता पर जोर दिया जाएगा। इसमें राज्यों और उद्योग के सहयोग से केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना भी शामिल है। इसका सबसे ज्यादा लाभ उत्तर प्रदेश को होने वाला है, क्योंकि यूपी में 71 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हैं।

बुनियादी शोध के लिए कोष बनेगा
बुनियादी शोध और प्रोटोटाइप विकास के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फंड को संचालित किया जाएगा। वाणिज्यिक पैमाने पर निजी क्षेत्र की तरफ से चलाए जाने वाले अनुसंधान और नवाचार के लिए एक तंत्र तैयार किया जाएगा। इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कोष तैयार किया जाएगा जिसकी घोषणा अंतरिम बजट में की गई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें