चतरा में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की प्रभारी अरुंधति दत्ता ने बताया कि कोरोना के शुरुआती मामले मिलने पर स्कूल प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग की ओर से 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग की गई थी। उस दिन कुल 195 छात्रों, साथ ही कर्मचारियों का आरटी-पीसीआर परीक्षण किया गया था। जिसके बाद चार मई को मिली परीक्षण रिपोर्ट में से 10 छात्राओं को कोरोना संक्रमित बताया गया था। इसके गुरुवार, पांच मई को एक और छात्रा कोविड-19 संक्रमित पाई गई है।
दत्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित संस्थान के छात्रों में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। 10 में से आठ छात्र परीक्षा देकर घर चले गए। परीक्षण रिपोर्ट के मद्देनजर, गुरुवार को स्कूल में एक रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) किया गया। संस्थान में कक्षा छठवीं, सातवीं, आठवीं और 11वीं में 95 छात्र हैं और उनमें से एक कोविड-19 के लिए सकारात्मक पाया गया। उन्होंने कहा कि कक्षा नौवीं के छात्र शुक्रवार को परीक्षण के लिए जाएंगे।
वहीं, चतरा जिले के शिक्षा अधीक्षक जितेंद्र सिन्हा ने बताया कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। संस्थान को सैनिटाइज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चतरा के मामले को छोड़कर, राज्य में एक मई से कोरोना वायरस के मामलों में छह से सात के बीच उतार-चढ़ाव हो रहा है। चार मई को राज्य में कुल मिलाकर 13 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि, पांच मई को तीन जिलों से केवल चार ताजा सकारात्मक मामले सामने आए हैं।