केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मुद्रीकरण योजना (एमएनपी) के खिलाफ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को दिल्ली में शास्त्री भवन के सामने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मालूम हो कि देश भर में विरोधियों के निशान पर चल रही एमएनपी योजना के तहत सरकार अपनी कम इस्तेमाल में आ रहीं संपत्तियों के जरिए करोड़ों रुपए जुटाना चाहती है। इसके लिए सरकार अपनी कोई संपत्ति नहीं बेचेगी। दावा है कि इसके लिए कोई निजीकरण भी नहीं होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन योजना की शुरुआत का एलान किया था।
सरकार का मानना है कि वह अपनी संपत्तियों के जरिए अगले चार साल यानी वित्त वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक छह लाख करोड़ रुपये की कमाई कर सकती है। वित्त मंत्री के 2021-22 के बजट भाषण में इसका जिक्र था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक यह योजना सिर्फ ब्राउनफील्ड असेट्स के लिए है। यानी ऐसी संपत्तियां, जिनमें केंद्र सरकार का निवेश है और जहां संपत्ति या तो बेकार पड़ी है या फिर उससे पूरी तरह कमाई नहीं हो पा रही है या फिर उसका पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
इस योजना के दायरे में सड़क परिवहन और राजमार्ग, रेल, ऊर्जा, पाइपलाइन और प्राकृतिक गैस, नागरिक उड्डयन, जहाजरानी, बंदरगाह और जल मार्ग, दूरसंचार, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, खनन, कोयला, शहरी आवास जैसे मंत्रालयों को लाया गया है। अभी राज्य सरकारों की संपत्तियों को इस योजना के दायरे में नहीं लाया गया है।