मामला दर्ज होने के बाद मानसिक दवाब में आ गए थे
सांसद के भाई की याचिका पर सीजीएम कोर्ट के आदेश पर युवती व सत्यम के खिलाफ हनीट्रैप व उगाही करने का मुकदमा दर्ज कराने पर कोर्ट ने जब दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर भगोड़ा घोषित किया था तभी से दोनों मानसिक दबाव में आ गए थे और छिपकर रह रहे थे। यूपी में जल्द न्याय न मिलता देख दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सांसद के खिलाफ प्रयागराज में चल रही सुनवाई को दिल्ली में ट्रांसफर करने की गुहार लगा रहे थे। इस मामले में दोनों दिल्ली आए थे। यहां पर सुप्रीम कोर्ट के बाहर दोनों ने 16 अगस्त को गेट नंबर डी के बाहर खुद पर पेट्रोल डालकर लाइटर से आग लगा ली थी। दोनों को आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दोनों के बयान तक नहीं हो सके
आग में युवक 85 और युवती करीब 90 फीसीदी झुलस गई थी। पहले दिन से ही दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी, इस कारण पुलिस दोनों के बयान दर्ज नहीं कर सके। दोनों ने आत्मदाह की कोशिश करने से पहले दस मिनट का फेसबुक लाइव किया था। पुलिस फेसबुक लाइव में दिए बयानों को ही दोनों के बयान मान सकती है। इसमें दोनों ने एसएसपी अमित पाठक, सीओ अमरेश सिंह, दरोगा संजय राय और उनके बेटे विवेक राय पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए थे।