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गंभीर स्तर पर रही हवा, मुंडका में हालात खराब

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दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के कारण अक्षरधाम मंदिर के आसपास छाया स्मॉग। - फोटो : Ashram
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नई दिल्ली। राजधानी में शुक्रवार को आंशिक रूप से सुधार होने के बाद शनिवार को एक बार फिर हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, एक दिन पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 406 दर्ज किया था, जो शनिवार को गंभीर स्तर पर 427 दर्ज किया गया। एनसीआर में शामिल गुरुग्राम में 439 एक्यूआई के साथ सबसे खराब हवा दर्ज की गई। इससे पहले यह आंकड़ा 392 था। उधर, प्रदूषण बढ़ने की वजह से दिल्ली के विभिन्न 30 हॉटस्पॉट रेड जोन में पहुंच गए। एक दिन पहले इनकी संख्या 19 थी। इसमें सबसे खराब हवा मुंडका क्षेत्र में रही, जहां एक्यूआई 468 रहा। एक दिन पहले यह 421 था।
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पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, शुक्रवार को पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की 4,528 घटनाएं दर्ज की गई। इससे उत्पन्न होने वाले प्रदूषित तत्व पार्टिकुलेट मैटर 2.5 की प्रदूषण में करीब 32 फीसदी हिस्सेदारी रही। एक दिन पहले यह आंकड़ा 3,225 के साथ 21 फीसदी दर्ज किया गया था। इससे पहले बृहस्पतिवार को राजधानी के प्रदूषण में सीजन की सबसे अधिक 42 फीसदी, रविवार को 40 फीसदी हिस्सेदारी रही थी।
सफर के अनुसार, उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवा की गति कम होने की वजह से राजधानी में प्रदूषण बढ़ा है। अगले दो दिनों में भी हवा की रफ्तार और कम हो सकती है। इस वजह से दिल्लीवासियों को प्रदूषण के सितम से निजात मिलने की संभावना कम है। प्रदूषण के कारक में शामिल पार्टिकुलेट मैटर पीएम10 और 2.5 के आंकड़ों में शनिवार को इजाफा हुआ। पीएम10 का स्तर 465 और पीएम2.5 का स्तर 306 दर्ज किया गया। पीएम10 का स्तर 100 से कम और पीएम2.5 का स्तर 60 से कम होने पर सुरक्षित श्रेणी में माना जाता है।
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दिवाली तक गंभीर श्रेणी में रहेगी हवा
केंद्रीय एजेंसी के वायु मानक चेतावनी तंत्र के अनुसार, राजधानी में दिवाली तक हवा गंभीर श्रेणी में रहने की संभावना है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों से आने वाला धुआं दिल्ली के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। 13 नवंबर तक प्रदूषण बहुत खराब श्रेणी और 14 नवंबर तक गंभीर श्रेणी में पहुंच सकता है। मौसम विभाग के पर्यावरण मानक अध्ययन केंद्र के प्रमुख वीके सोनी ने कहा कि पंजाब की ओर से आने वाला पराली का धुआं हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने के लिए प्रमुख कारक है। सफर के अनुसार, गत वर्ष पराली के धुएं की राजधानी में नवंबर में सबसे अधिक 44 फीसदी हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।
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हॉटस्पॉट की स्थिति
आनंद विहार 436
अशोक विहार 409
आया नगर 447
बवाना 445
मथुरा रोड 419
डीटीयू 441
द्वारका 451
आईजीआई एयरपोर्ट 421
आईटीओ 434
जहांगीरपुरी 456
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम 412
मंदिर मार्ग 420
मुंडका 468
एनएसआईटी द्वारका 445
नरेला 419
नजफगढ़ 444
नेहरू नगर 431
डीयू 421
ओखला फेस-2 425
पटपड़गंज 431
पंजाबी बाग 453
पूसा 412
आरकेपुरम 423
रोहिणी 441
शादीपुर 429
सीरीफोर्ट 420
सोनिया विहार 426
अरबिंदो मार्ग 419
विवेक विहार 436
वजीरपुर 432
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