हाई कोर्ट ने खालिद सैफी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सवाल उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश मामले में जांच पूरी हुई है या नहीं और क्या अभियोजन पक्ष कोई और आरोप पत्र दाखिल करने जा रहा है।
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मनोज जैन की खंडपीठ ने विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद से 4 मार्च को स्थिति स्पष्ट करने को कहा। आप बयान देंगे और हम इसे रिकॉर्ड करेंगे। आप हमें बताएंगे कि पांचवां पूरक आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा या नहीं। कोर्ट ने यूनाइटेड अगेंस्ट हेट (यूएएच) के संस्थापक खालिद सैफी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक टिप्पणी की जो दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में बुक किए गए लोगों में से एक है। मामले में अब तक पांच आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं। पीठ के समक्ष आरोपी खालिद सैफी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने जमानत याचिका पर अपनी दलीलें पूरी की, जिसके बाद अदालत ने स्पष्टीकरण के लिए मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। न्यायालय ने पक्षों को उन निर्णयों को प्रस्तुत करने की भी अनुमति दी, जिन पर वे अपनी दलीलों के समर्थन में भरोसा करना चाहते हैं।