नई दिल्ली। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद अन्य राज्यों से होते हुए दिल्ली पहुंच गया है। दिल्ली के मुस्तफाबाद स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक ने छात्राओं को हिजाब पहनकर स्कूल नहीं आने को कहा। इस पर उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम सभी संस्कृतियों और परंपराओं का सम्मान करते हैं। दिल्ली सरकार ने किसी पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है। कुछ लोग इसका राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं। सभी लड़कियां चाहे उनका धर्म और जाति कुछ भी हो, हमारी अपनी हैं। दिल्ली के स्कूलों मेें प्रत्येक धर्म के बच्चों को पढ़ाने के लिए बेहतर व्यवस्था है। मैंने यह भी पूछा कि यह घटना कैसे हुई, लेकिन अभी तक मुझे नहीं लगता कि कोई समस्या है। हमारी स्कूल प्रणाली और शिक्षा विभाग ने इस संबंध में कोई प्रतिबंध नहीं लगाया है।
21 फरवरी को मुस्तफाबाद के एक सरकारी स्कूल में हिजाब पहने छात्राओं को कक्षाओं में प्रवेश से रोका था। छात्राओं से कहा कि आगे से वह अपनी मां की तरह स्कार्फ पहनकर स्कूल न आएं। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। घटना के बाद से स्कूल प्रिंसिपल व शिक्षा निदेशालय ने चुप्पी साध ली थी।
इस मामले पर बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में छात्रा कहती नजर आ रही थी कि उनसे कहा गया कि कल से क्लास में स्कार्फ पहनकर मत आना। छात्रा कह रही है कि उनके अलावा दो और छात्राओं का हिजाब उतरवाया। उन्हें मम्मी नहीं बनने की नसीहत भी दी गई।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले को स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों से बातचीत कर सुलझा दिया था। बच्ची के पिता ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाया था कि स्कूल खुलने के बाद सोमवार को पहली बार बच्ची स्कूल गई थी। शिक्षक ने पूरी कक्षा के सामने उसका अपमान किया और उसे हिजाब हटाने के लिए कहा था। परिवार की ओर से इसकी लिखित शिकायत स्थानीय विधायक हाजी युनूस और जिला शिक्षा कार्यालय को दी गई थी। मंगलवार को स्थानीय विधायक के दिल्ली में मौजूद नहीं होने के कारण शिकायत उनके कार्यालय में दी गई थी।