बचाव पक्ष की दलील का अव्यूत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने अपील की कॉपी उन्हें देने का निर्देश बचाव पक्ष को दिया।
अदालत ने इस मामले में अंसल बंधुओं पर साढ़े चार करोड़ और अन्य तीन दोषियों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने कोर्ट के पूर्व कर्मचारी दिनेश चंद शर्मा, पीपी बत्रा और अनूप सिंह को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी।