ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने कहा कि पीड़ित दंपती अमेरिका में रह रहे अपने बच्चों के पास जाकर रहना चाहते थे। इसलिए उन्होंने अपनी अचल संपत्ति को बेचने का फैसला किया था। इसी बीच उनका आरोपियों से संपर्क हुआ। आरोपियों ने उन्हें रुपये अपनी कंपनी में निवेश कर बहुत ज्यादा रिटर्न पाने के लिए काफी आकर्षक योजना बताई। इसके बाद पूरा रुपया दोनों आरोपियों को दे दिया, जिन्होंने वेबसाइट प्रोडक्शन के नाम पर उस धन का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए बोगस बैंक खातों के चैक दे दिए, जो बाउंस हो गए।
सिंह ने कहा कि गहराई से जांच करने पर और प्राप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें पुलिस हिरासत में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने कहा कि कॉलेज ड्रॉपआउट आरोपी कथित कंपनी के निदेशक और मुख्य अधिकारी थे, जहां पीड़ितों ने रुपये जमा कराए थे।