नई दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने लुभावनी स्कीम में निवेश करने पर दोगुनी रकम देने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सगे भाई हैं। आरोपियों ने 36 महीने में रकम को दोगुना करने का प्रलोभन देकर निवेशकों से 2.50 करोड़ रुपये की ठगी की थी और इसके बाद वे फरार हो गए थे। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी के लिए कई कंपनियां खोल रखी थीं।
गुरुग्राम के मूल निवासी हैं आरोपी
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान हरियाणा के गुरुग्राम जिला में शिवाजी नगर स्थित रतन गार्डन निवासी त्रिभुवन कुमार परनामी (65) और अनिल कुमार परनामी (66) के रूप में हुई है। वर्ष 2019 में पंजाबी बाग वेस्ट निवासी रंजीत नागपाल समेत अन्य लोगों ने शाखा में ठगी और फर्जीवाड़ा की शिकायत की थी। पीड़ितों ने शिकायत में बताया था कि मेसर्स जीएलपी हैबिटेशन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सिग्नेचर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स परनामी गुड्स कैरियर प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स वीएस डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों के निदेशकों ने कंपनी में निवेश करने पर दोगुना लाभ देने का झांसा दिया।
जांच में आरोप मिले सही
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने निवेशकों को 36 महीने में पैसा दोगुना करने की पेशकश कर उन्हें निवेश करने के लिए प्रेरित किया। बातों में आकर निवेशकों ने कंपनियों में 2.50 करोड़ रुपये का निवेश किया। लेकिन अवधि पूरा होने के बाद आरोपियों ने वादा की गई रकम नहीं लौटाई। जांच में पता चला कि आरोपियों ने ठगी की नियत से ही छोटी अवधि के लिए लुभावनी योजना की शुरुआत की थी। उन्होंने इस उद्देश्य के लिए अपनी कई कंपनियों को शामिल किया और धीरे-धीरे विभिन्न लुभावनी योजनाओं के माध्यम से निवेशकों को धोखा देना शुरू कर दिया।
अन्य आरोपियों की तलाश है जारी
जांच में कंपनियों के निदेशकों के शामिल होने के सबूत मिलने पर शाखा ने उनकी तलाश शुरू की और शुक्रवार को दोनों भाईयों को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दोनों भाईयों के खिलाफ गुरुग्राम और दिल्ली में ठगी और फर्जीवाड़ा के 11 मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।