नई दिल्ली। ई-रिक्शा को किराये पर चलाने से मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाली कंपनी के दो निदेशकों को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। बुधवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियाें की पहचान अशोक नगर निवासी हर्षुल कौशिक (31) और तिलक नगर निवासी गुरमीत सिंह साहनी (29) के रूप में हुई है। वह निवेशकों को ई-रिक्शा से प्रतिदिन 300 रुपये किराया मिलने का आश्वासन देते थे। जांच में पता चला है कि दोनों ने करीब 1100 निवेशकों से लगभग 15 करोड़ रुपये की ठगी की थी। कंपनी का एक निदेशक अभी भी फरार है।
आर्थिक अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आरके सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में बालाघाट मध्य प्रदेश निवासी अभिषेक पुरी गोस्वामी सहित 50 निवेशकों ने एसओएस व्हीकल्स सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों गुरमीत सिंह, जसनीत सिंह और प्रमोटर हर्षुल कौशिक के खिलाफ फर्जीवाड़े और ठगी की शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने पश्चिम विहार के रैडिशन ब्लू होटल में स्थित कार्यालय में बुलाकर ई-रिक्शा को किराये पर चलवाने से प्रतिदिन 300 रुपये मिलनेे की बात कही।
उन्होंने दो ई-रिक्शा की खरीद के लिए कंपनी में 1.31 लाख रुपये का निवेश करने के लिए प्रेरित किया और निवेशकों के सदस्याें को जोड़ने पर कमीशन देने की बात कही। निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए बहादुरगढ़ और कुंडली स्थित ई-रिक्शा के निर्माण संयंत्र का दौरा कराया। उनकी बातों पर विश्वास कर निवेशकों ने आरोपियों के कई बैंक खातों में राशि जमा कर दी। उन्हें दो महीने का किराया मिला उसके बाद आरोपियों ने पैसा देना बंद कर दिया। शिकायत दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने जांच के दौरान कंपनी के बैंक खातों की जांच की। जिसमें पता चला कि आरोपियों ने निवेशकों से बड़े पैमाने पर धन प्राप्त किया था। शुरू में लोगों को लुभाने के लिए रिटर्न भी दिए। आरोपियों ने ठगी के लिए ही पॉश इलाके में कार्यालय खोले थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दो महीने से तकनीकी जांच के जरिये उनका पीछा कर रही थी। बुधवार को दोनों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
बीच में छोड़ दी थी एमबीए की पढ़ाई
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हर्षुल एमबीए की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। वह कई कंपनियों के सेल्स प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुका है। उस पर उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद, दिल्ली के कोटला मुबारकपुर और अमर कॉलोनी थाने में फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज है। वहीं गुरमीत सिंह पेमेंट सोल्यूशंस कंपनी चलाता था। फिलहाल हरिनगर में नॉनवेज रेस्तरां चला रहा था। पुलिस इनसे पूछताछ कर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।