उत्तरी दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में गोकशी करने आए बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। गनीमत यह रही कि हमले में किसी को गोली नहीं लगी। टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान शमीम उर्फ सलीम (29) और मोहम्मद जावेद (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस व एक खोखे के अलावा गोकशी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले औजार बरामद किए हैं। जिले का स्पेशल स्टाफ आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रहा है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि जावेद के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें पुलिस टीम पर हमला का मामला भी शामिल हैं।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि शनिवार देर रात जिले के स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि गोकशी करने वाले कुछ आरोपी हिन्दूराव अस्पताल के पास कूड़े के खत्ते के पास आने वाले हैं। सूचना के बाद स्पेशल स्टाफ ने छानबीन शुरू कर दी। देर रात करीब 1.30 बजे दो आरोपी स्कूटी पर सवार होकर वहां पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों को काबू करने का प्रयास किया तो एक आरोपी ने टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से हथियार बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक स्कूटी भी बरामद की है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस की पूछताछ में एक आरोपी जावेद ने बताया कि वह गाजीपुर बूचड़खाने में काम करता था। उसकी मुलाकात नौशाद ने मेवात के रहने वाले जाकिर और शाकिर से करवाई थी। जाकिर और शाकिर गोकशी कर उसका मीट बेचते थे। जावेद ने उनके साथ मिलकर काम शुरू कर दिया। वर्ष 2014 में आरोपी ने बहादुरगढ़, हरियाणा में पुलिस टीम पर हमला कर दिया था। तब आरोपी गोली चलाकर वहां फरार होने में कामयाब हो गए थे। इसके बाद यह उसी रात दिल्ली पहुंचे। यहां शाहबाद डेरी इलाके में पुलिस से नोंकझोंक के बाद आरोपी मौके पर मीट छोड़कर फरार हो गए।
आरोपियों ने बताया कि इसके अलावा जनवरी 2021 में जाकिर, शाकिर व जावेद की वजीराबाद इलाके में स्थानीय लोगों से भिड़ंत हो गई थी। आरोपी गोलियां चलाकर मौके से फरार हो गए थे।