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10 करोड़ की धोखाधड़ी : जीएसटी रिटर्न की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा, दिल्ली में दो धरे

Mon, 19 Jul 2021 01:36 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आरोपी फर्जी दस्तावेज पर तैयार एक फर्म की आड़ में वैट व जीएसटी के झूठे टैक्स रिटर्न फाइल कर धोखाधड़ी करते थे।
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आर्थिक अपराध शाखा ने जीएसटी रिटर्न की आड़ में दस करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी दस्तावेज पर तैयार एक फर्म की आड़ में वैट व जीएसटी के झूठे टैक्स रिटर्न फाइल कर धोखाधड़ी करते थे। आरोपी आयकर विभाग को करीब 9.97 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा चुके हैं। पुलिस को जांच में अभी तक 25 से अधिक फर्मों के बारे में पता चला है।

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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान रोहिणी निवासी शुभम खंडेलवाल और सोनीपत के देवनगर निवासी पुलकित के रूप में हुई है। ट्रेड एंड टैक्स डिपार्टमेंट ने वर्ष 2018 में शाखा में शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें बताया कि इनकम टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लिए सरस्वती इंटरप्राइजेज ने करोड़ों का झूठा दावा किया था। उक्त फर्म संजय गर्ग नाम पर वैट विभाग में पंजीकृत थी, जिसे जांच के दौरान फर्जी पाया गया।

जांच में विभाग ने पाया कि दिए गए पते पर ऐसी कोई फर्म ही नहीं है। साथ ही वैट पंजीकरण फॉर्म में फर्जी बैंक खाता पंजीकृत किया गया है। 32 करोड़ 42 लाख 49 हजार का टैक्स क्रेडिट का दावा करने पर विभाग को शक हुआ। दावे पर विभाग ने इसका सत्यापन किया, तब फर्जीवाड़े का पता चला। जांच में पता चला कि आरोपी सरकार को 9.97 करोड़ का नुकसान पहुंचा चुके हैं।
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शाखा ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिये पुलिस को पता चला कि शुभम खंडेलवाल और पुलकित गोयल मैसर्स सरस्वती एंटरप्राइजेज फर्म चला रहे हैं। वह कंपनियों के माल के नकली चालान जारी करते थे और दलाल के मार्फत से खरीदारों से वैट व जीएसटी वसूल लेते थे लेकिन विभाग में जमा नहीं करते थे। जांच में यह भी पता चला कि कंपनी ने कोई वैट रिटर्न दाखिल नहीं किया था। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी 12वीं पास हैं, लेकिन दोनों को अकाउंट्स की अच्छी जानकारी है।

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