टूलकिट मामले की जांच में वकील निकिता जैकब और इंजीनियर शांतनु मुलुक सोमवार को शामिल हुए। द्वारका स्थित दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ कार्यालय में उनसे पूछताछ की जा रही है।
किसान आंदोलन के समर्थन में पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए टूलकिट गूगल डॉक्यूमेंट की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जैकब और मुलुक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिए गए थे।
वहीं इस मामले में दिल्ली पुलिस ने दिशा रवि को गिरफ्तार किया था, जबकि मुलुक को एक अदालत ने अग्रिम जमानत दे दी थी। दिशा रवि को सोमवार को दिल्ली में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। दिशा की न्यायिक हिरासत की अवधि खत्म होने पर उसे अदालत में पेश किया गया है। इस दौरान पुलिस और पांच दिनों के लिए दिशा की रिमांड की मांग कर रही है।
मालूम हो कि दिशा की जमानत पर मंगलवार को फैसला आने वाला है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी अर्जी पर सख्त आपत्ति जताई थी। पुलिस ने अदालत के सामने तर्क रखा था कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि खालिस्तान समर्थकों के साथ मिलकर टूलकिट तैयार कर रही थी। इतना ही नहीं वह भारत को बदनाम करने और किसानों के प्रदर्शन की आड़ में देश में अशांति पैदा करने की वैश्विक साजिश का हिस्सा थी।