आर्थिक अपराध शाखा ने नोटबंदी के दौरान फर्जी कंपनी खोलकर वैट और टैक्स की धोखाधड़ी करने वाले तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एक आरोपी चार्टड अकाउंटेंट और एक कारोबारी है। आरोपियों ने एक फर्जी खाता खोलकर उसमें 5.25 करोड़ रुपये जमा किया और फिर कई करोड़ के फर्जी बिल बनाकर रकम निकाल ली।
शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान हरियाणा के कैथल निवासी विजय गोयल (33), कैथल निवासी जयदीप (30) और कैथल के कारोबारी कमल शोरेवाला (48) के तौर पर हुई है। विजय गोयल चार्टड अकाउंटेंट है। नोएडा निवासी पंकज बत्रा ने 2019 में शाखा में धोखाधड़ी की शिकायत की। जिसमें उसने बताया कि दयाशंकर नाम के व्यक्ति ने वैट डिपार्टमेंट से 2014 में मैसर्स जय महालक्ष्मी प्रॉडक्ट्स कंपनी के नाम पर टिन नंबर हासिल किया।
इसके लिए आरोपी ने उसके पैन और वोटर कार्ड का इस्तेमाल किया। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस मोती नगर के सुदर्शन पार्क का है। इसके आधार पर आरोपी ने कैथल स्थित केनरा बैंक के ब्रांच में खाता खोला। पंकज को इसका पता तब चला जब 2 दिसंबर 2017 को उनके पास इनकम टैक्स विभाग से नोटबंदी के दौरान 5 करोड़ 25 लाख 47 हजार 500 रुपये जमा करने की सफाई देने का नोटिस आया। अदालत के आदेश पर 2019 में मोती नगर थाने में मामला दर्ज हुआ। उसके बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा में सौंपी गई।
जांच के दौरान कंपनी का कंपनी का पता और मैनेजर दया शंकर के घर का पता फर्जी निकला। पुलिस ने केनरा बैंक में खोले खाते की जांच की। इससे पता चला कि आरोपी विजय गोयल और जयदीप फर्जी खाता खोलने में प्रस्तावक थे। आरोपी जयदीप ने बैंक से चेक बुक भी हासिल की थी। इस खाते से कई बार पैसे भी निकाले थे। आरोपी विजय गोयल भी फर्जी फर्म के खाते में आए पैसे में हिस्सेदार था। पुलिस ने सबूत मिलने के बाद तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।