रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडबल्यूए) और आम लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मूर्ति विसर्जन टब या बाल्टी में ही करें। इसके साथ ही पूजन सामग्री जैसे फूल, सजावटी सामान विसर्जन से पहले मूर्ति से हटा लें।
पूजा में पीओपी से बनी मूर्ति का विसर्जन झीलों, तालाबों और नदियों में न करें। इसके साथ ही मूर्तिकारों के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि मूर्ति बनाने के लिए प्राकृतिक मिट्टी और सजाने के लिए प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। यही नहीं पीओपी की मूर्तियां तलाबों, नदियों और जोहड़ों, झीलों में विसर्जित नहीं की जा सकती।
डीपीसीसी ने विभागों के लिए भी अलग से गाइडलाइन जारी किए हैं। इसमें दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली पुलिस वाहनों की जांच करे की कोई भी मूर्ति का विसर्जन करने यमुना तक न आए। वहीं, सिविक एजेंसियां मूर्ति विसर्जन के लिए अस्थायी तालाबों का इंतजाम करें।