नई दिल्ली। कोरोना की लहर से निपटने के लिए दिल्ली में लागू किए गए सप्ताहांत कर्फ्यू का शनिवार को असर रहा। लोग ठंठ की ठिठुरन में जहां घर में ही दुबके रहे वहीं, बाजार बंद होने की वजह से सन्नाटा पसरा रहा। सार्वजनिक परिवहन भी सड़क पर कम दिखे। सप्ताहांत कर्फ्यू के दूसरे सप्ताह में दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की आवाजाही निर्बाध जारी रही।
दिल्ली में कोविड-19 और ओमिक्रॉन की रफ्तार के बीच शुक्रवार रात 10 बजे से सप्ताहांत कर्फ्यू लागू हो गया, जो सोमवार सुबह 5 बजे तक चलेगा। शनिवार को राजधानी में हर तरफ सन्नाटा दिखाई दिया। सड़कों पर ना वाहनों का शोर, न लोगों की आवाजाही रही। स्ट्रीट वेंडर्स प्वाइंट्स भी सूने पड़े रहे। हालांकि, सप्ताहांत कर्फ्यू के दौरान डीटीसी बसें और मेट्रो फुल क्षमता के साथ चली। कई जगह सख्ती भी देखने को मिली। जरूरी खाद्य सामग्री की दुकानें व दवाइयों की दुकान खुली रही। लोगों ने ऑनलाइन ऑर्डर कर अपने जरूरी सामान को भी मंगाया।
सड़कों पर निजी वाहनों की आवाजाही काफी कम रही तो वहीं बस स्टैंड पर कई ऐसे लोग भी दिखें तो कर्फ्यू की वजह और आशंकाओं को देखते हुए अपने-अपने मूल निवास स्थान की तरफ रवाना हो रहे थे। मुख्य सड़क पर जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई थी। आने-जाने वालों का पास भी देखा जा रहा था।
छात्रों के इलाके में भी पसरा रहा सन्नाटा
दिल्ली के मुखर्जी नगर, लक्ष्मी नगर, राजेंद्र प्लेस, जवाहर लाल यूनिवर्सिटी का इलाका छात्रों से भरा हुआ है। इन इलाकों में हर दिन परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों से गुलजार रहता है, लेकिन सप्ताहांत कर्फ्यू में इन इलाकों में भी सन्नाटा पसरा रहा। छात्र अपने-अपने पीजी व घरों में ही रहे। सब्जी मंडी, दूध की दुकानों और अस्पतालों के आसपास जरूर कुछ आवाजाही नजर आई।
टहलने वाले भी नहीं दिखे
सप्ताहांत कर्फ्यू के साथ ठंड की वजह से पार्क भी सूने रहे। यहां तक की सोसायटी के पार्क में भी शाम के वक्त सेहत को ध्यान में रख टहलने वालों का जमावड़ा नहीं रहा।
आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रही
कर्फ्यू के दौरान जरूरी सामान बेचने वाली दुकानों को छोड़कर बाकी सभी दुकानें बंद रही। इस दौरान कोरोना जांच या फिर वैक्सीनेशन के लिए लोगों को आने-जाने की छूट की वजह से प्राइवेट वाहन सड़क पर दौड़ते दिखें। दुपहिया वाहन से काफी लोग सड़कों पर नजर आ रहे हैं। दूसरी तरफ दिल्ली के अस्पतालों में व दवा की दुकानों तक जाने वालों की संख्या अधिक सड़कों पर दिखी।