पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रधानाचार्यों को अब प्राविधिक शिक्षा परिषद के निदेशक और अपर निदेशक से ज्यादा वेतन मिलेगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के विनियम 2019 के प्रभावी होने से यह बदलाव हो गया है। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के सेवानिवृत्त निदेशक ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर निदेशक और अपर निदेशक का ग्रेड पे बढ़ाने की मांग की है।
परिषद में प्रधानाचार्यों को ही पदोन्नति देकर अपर निदेशक और निदेशक बनाया जाता है। निदेशक और अपर निदेशक पूरे प्रदेश के संस्थानों को संचालित करते हैं और प्रधानाचार्य का पद जूनियर होता है। विनियम 2019 के अनुसार प्रधानाचार्य को ग्रेड पे 9000 और लेवल 13ए वन (131400-218200 वेतनमान) सेसैलरी मिलेगी।
जबकि निदेशक प्राविधिक शिक्षा को ग्रेड पे 8900 और लेवल 13ए (131100-216600 वेतनमान) और अपर निदेशक प्राविधिक शिक्षा को ग्रेड पे 8700 लेवल 13 (123100-215900 वेतनमान) से सैलरी मिलेगी। जून में आने वाली मई माह की सैलरी इसी विनियम के अनुसार आएगी। सेवानिवृत्त निदेशक ने निदेशक का ग्रेड पे 10000 लेवल 15 और अपर निदेशक का ग्रेड पे 10000 लेवल 14 करने की मांग की है। (संवाद)
ऐसे में प्रधानाचार्य क्यों लेंगे प्रमोशन
अगर यह वेतनमान लागू रहता है तो प्रधानाचार्य से पदोन्नत होकर कोई भी अधिकारी अपर निदेशक और निदेशक नहीं बनना चाहेगा क्योंकि पदोन्नति होते ही ग्रेड पे और वेतन घटना तय है।
ऐसे बनते हैं निदेशक
पॉलिटेक्निक में प्रधानाचार्य को पदोन्नत करके संयुक्त निदेशक, फिर अपर निदेशक और अंत में निदेशक बनाया जाता है। यह सभी प्रमोशन वरिष्ठता के आधार पर किए जाते हैं।
नई विनियम के लागू होने के बाद वेतन
प्रधानाचार्य - 131400 रुपये (4500 प्रतिमाह विशेष भत्ता अतिरिक्त)
अपर निदेशक - 123100 रुपये
निदेशक - 131100 रुपये