आरोपी नवंबर 2023 से पुलिस को चकमा दे रहा था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। खुद को बैंक अधिकारी बताकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक बदमाश को उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने झारखंड के जामताड़ा से दबोचा है। आरोपी की पहचान जामताड़ा निवासी कलीम अंसारी के रूप में हुई है। एक अन्य मामले में झारखंड पुलिस इसके तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी नवंबर 2023 से पुलिस को चकमा दे रहा था। कलीम व उसके साथियों ने न्यू उस्मानपुर में एक व्यक्ति से 3.08 लाख रुपये ठग लिए थे। पुलिस जब आरोपियों की तलाश में झारखंड पहुंची तो वह फरार हो गए।
उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि न्यू उस्मानपुर निवासी राजेंद्र सिंह ने साइबर ठगी की एक शिकायत पुलिस से की थी। पीड़ित ने बताया कि खुद को एसबीआई का अधिकारी बनकर बदमाशों ने उनकी निजी जानकारी जुटा ली। बाद में साइबर ठगी के जरिये 3.08 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए।
साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। कॉल डिटेल और बैंक डिटेल के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने पश्चिम बंगाल और जामताड़ा के एटीएम से ठगी की रकम निकालकर बांट ली। सीडीआर से आरोपियों की लोकेशन जामताड़ा मिली।
पुलिस ने वहां पहुंचकर कई जगह छापे मारे, लेकिन आरोपी लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। काफी प्रयास के बाद टीम ने एक आरोपी को नारायणपुर से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने ठगी स्वीकार कर ली। उसने बताया कि राजेंद्र के साथ नजीर अंसारी, तजमुल अंसारी, कन्हैया मंडल और बिरबल मंडल ने मिलकर ठगी की थी। तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।